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सिद्धपीठ शाकंभरी क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही, महिला श्रद्धालु बही

By Manish Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 29 May 2026 12:20 PM (IST)

शिवालिक पहाड़ियों में बादल फटने से सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में भीषण बाढ़ आ गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु बह गई ...और पढ़ें

सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में आई भयंकर बाढ़ से टूटी पड़ी दुकानें व उलटा पड़ा वाहन। जागरण

सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में आई भयंकर बाढ़ से टूटी पड़ी दुकानें व उलटा पड़ा वाहन। जागरण

HighLights

  1. शिवालिक में बादल फटने से शाकंभरी में बाढ़।

  2. एक महिला श्रद्धालु बाढ़ में बह गई, शव मिला।

  3. दर्जनों वाहन, दुकानें, उपकरण बाढ़ में बहे।

जागरण संवाददाता, बेहट (सहारनपुर)। शिवालिक की पहाड़ियों में गुरुवार की देररात बादल फटने के बाद सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में आई भयंकर बाढ़ ने तबाही मचा दी। श्रद्धालुओं के दर्जनभर से अधिक वाहन बह गए। एक महिला श्रद्धालु बाढ़ की चपेट में आकर बह गई, जिसका शव लगभग एक किलोमीटर दूर रेत में धंसा मिला। सूचना मिलने पर सुबह पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र की अन्य नदियों में भी रात में बाढ़ की स्थिति बनी, लेकिन कहीं से किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

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मौसम को लेकर सरकारी स्तर से अलर्ट गुरुवार सुबह से ही मिल रहा था, लेकिन शाकंभरी में ऐसी तबाही होगी इसका अनुमान किसी को नहीं था। रात लगभग 10:30 बजे पहाड़ियों से शाकंभरी परिसर के बीच से निकल रही नदी में पानी की धार आना शुरू हुई तो शाकंभरी पुलिस चौकी से अनाउंसमेंट किया गया की नदी में खड़े वाहनों को श्रद्धालु तत्काल सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं पानी बढ़ रहा है। इस बीच कुछ श्रद्धालुओं ने अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर खड़े कर लिए जबकि कुछ लोगों ने ऐसा नहीं किया। कुछ ही देर में ऊपर से तेज बहाव आया और देखते ही देखते भयंकर बाढ़ सिद्धपीठ परिक्षेत्र में आ गई बाढ़ का पानी माता के मंदिर के मुख्य द्वार की चार पैड़ी तक पहुंच गया।

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बाजार में घुसी बाढ़ की धार ने प्रसाद की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दर्जन भर दुकानों का समान बह गया। इनमें से कुछ दुकानें भी बही। मुख्य मंदिर के पास ही नदी के बिल्कुल किनारे पर एक दुकान में श्रद्धालु परिवार सोया हुआ था। जैसे ही बाढ़ आई तो परिवार की लगभग 65 वर्षीय महिला सावित्री पत्नी चंद्रभान सैनी निवासी ग्राम गिद्दावली थाना खानपुर लक्सर हरिद्वार अपने पौत्र एवं पौत्री को देखने के लिए जैसे ही नदी की ओर बढ़ी तो वह बाढ़ की चपेट में आकर बह गई। इस महिला का शव लगभग एक किलोमीटर दूर भुरादेव मंदिर के पीछे रेत में धंसा मिला।

एक धर्मशाला में चल रहे जागरण में सम्मिलित होने के लिए अंबेहटा के सुरेंद्र सिंह भी कार से आए हुए थे उनके साथ आया सुक्कड़ राणा कार में ही बैठा था। अचानक तेज धार में कार बह गई। उसने किसी तरह से कूद कर जान बचाई। मुख्य मंदिर से भुरादेव तक नदी के रास्ते में कई जगह प्रसाद, खिलौने व अखरोट आदि की दुकानें लगी रहती है दुकान मालिक रात में इन्हें कपड़े से बांधकर खाली अपने घर चले जाते हैं। यह सभी दुकानेंबाढ़ में बह गई। चार ट्रैक्टर व ट्रॉली बहकर मलबे में धंस गईं, जबकि एक ऊपर से बह आई कार निर्माणाधीन एलिवेटेड पुल के पिलर में अटक कर रुकी।

एलिवेटेड पुल के निर्माण में लगी दो जेसीबी व एक क्रेन तथा दो बड़े जनरेटर भी काफी दूर बह कर रेत में धंस गए। जबकि कुछ पिलर भी धंसे हैं। शंकराचार्य आश्रम के सामने दो बाइक भी रेत में धस गई। बाढ़ की सूचना मिलने पर सुबह एसडीएम मानवेंद्र सिंह, तहसीलदार विजय सिंह, इंस्पेक्टर सुबे सिंह आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कई लोग अपने साधनों से वाहनों को रेत से निकालने के प्रयास में जुट गए थे। आपदा पर श्रद्धा भारी पड़ रही थी भोर से ही माता के दरबार में पहुंचने वाले श्रद्धालु ऑन का तांता लगा हुआ था।

 

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