विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लंदन में जज से लेकर CA तक... करियर, पैकेज और मोह-माया  त्यागकर जैन साध्वी बनेंगी 7 युवतियां

By Manish Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 02 Nov 2026 02:26 PM (IST)

सात युवतियां सांसारिक मोह-माया त्यागकर जैन साध्वी बनने जा रही हैं। सहारनपुर के जैन बाग मंदिर में जैन समाज की ...और पढ़ें

सांसारिक मोह-माया को छोड़कर युवतियां बनेंगी जैन साध्वी। सौ. संस्था

सांसारिक मोह-माया को छोड़कर युवतियां बनेंगी जैन साध्वी। सौ. संस्था

HighLights

  1. सहारनपुर के जैन बाग मंदिर में हुई पारंपरिक गोद भराई की रस्म। 

  2. 22 नवंबर को मध्य प्रदेश के सोनागिरि सिद्धक्षेत्र में लेंगी दीक्षा।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। सांसारिक मोह-माया को छोड़कर सात युवतियां जैन साध्वी बनेंगी। मांगलिक कलश, होठों पर णमोकार महामंत्र और आत्मकल्याण के संकल्प के साथ रविवार को सातों बिनौली यात्रा पर निकलीं।

जैन बाग मंदिर में जैन समाज की माताओं-बहनों ने अश्रुपूरित नेत्रों और हर्षित हृदय से सातों दीक्षार्थी बहनों की पारंपरिक गोद भराई की रस्म पूरी की। इनमें सहारनपुर निवासी सीए की शिक्षा प्राप्त रंगोली और यहीं के कारोबारी परिवार की बिटिया सुनीता भी शामिल हैं।

s7

फोटो सौ. संस्था

जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन ने बताया कि यह रस्म सांसारिक मोह-माया से विदाई और संयम जीवन में प्रवेश का प्रतीक है। आगामी 22 नवंबर को मध्य प्रदेश के सोनागिरि सिद्धक्षेत्र में होने वाले श्रमणी आर्यिका दीक्षा महोत्सव में दीक्षा लेंगी। साध्वी बनने जा रहीं सहारनपुर की रंगोली चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। 10 वर्षों तक कोलकाता में पेशेवर जीवन बिताया। लाखों के पैकेज और प्रतिष्ठा छोड़कर उन्होंने वैराग्य चुना।

19 नवंबर 2017 को आचार्य सुपार्श्व सागर से ब्रह्मचर्य व्रत लिया था और सात जुलाई 2024 को उन्हें संघ प्रवेश मिला। मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 अक्टूबर 1997 को जिनेंद्र कुमार जैन और ज्योति जैन के घर जन्मी प्रखरश्री नौ जुलाई 2020 से ब्रह्मचर्य का पालन कर रही हैं।

प्रखरश्री बीए एलएलबी और एलएलएम के बाद लंदन में जज बनीं। अब उन्होंने विकारों पर विजय पाने का संकल्प लिया है। भिंड की गिरजा वर्ष 2020 से ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर रही हैं। पांचवीं तक शिक्षा के बाद उन्होंने साधना की राह अपनाई। उन्होंने 2020 में औरंगाबाद में ब्रह्मचर्य व्रत लिया था।

ग्वालियर में 20 सितंबर 1997 को जन्मी सोनम ने फाइन आर्ट्स में एमए किया है। स्टेनोग्राफी में निपुण हैं। अब वे आत्मा को संवारने की राह पर हैं। 30 अप्रैल 2025 से ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर रही हैं। बैतूल के मेहगांव निवासी मुकेश जैन और मीनू जैन की पुत्री चेतना 27 वर्ष की उम्र में दीक्षा लेंगी। मात्र 12वीं तक की शिक्षा हासिल की, पर आत्मज्ञान में अपनी चेतना से बड़ी-बड़ी डिग्रियों को मात देती हैं।

उन्होंने 20 फरवरी 2022 को गणाचार्य विराग सागर से ब्रह्मचर्य व्रत लिया और 15 अप्रैल 2023 को उन्हें संघ प्रवेश दिया गया। सहारनपुर के कारोबारी परिवार की बिटिया सुनीता और दिल्ली निवासी बबली भी दीक्षा लेंगी।

सीए रंगोली दीदी ने कहा कि हमने 10 वर्ष तक अंकों का हिसाब लगाया पर जब आत्मा का हिसाब लगाया तो सब शून्य निकला। सच्चा लाभ तो आत्मा की निर्मलता में है। संसार के सुख क्षणिक हैं, आत्मा का आनंद शाश्वत है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।