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VIDEO: सपा की बैठक में 'PDA' पर ही रार, सहारनपुर में प्रदेश अध्यक्ष के सामने आस्तीन चढ़ाकर भिड़ने को तैयार हुए नेता

By Ajay Saxena Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 20 Aug 2026 05:59 PM (IST)

Saharanpur News: सहारनपुर में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की बैठक में स्थानीय नेताओं ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए ...और पढ़ें

HighLights

  1. स्थानीय नेताओं ने वरिष्ठों पर उपेक्षा का आरोप लगाया।

  2. विधायक आशु मलिक ने किसी प्रकार मामला शांत कराया

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। समाजवादी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के समक्ष उस समय स्थिति विकट हो गई जब स्थानीय सपा नेता अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर उपेक्षा का आरोप लगाकर आस्तीन चढ़ाकर भिड़ने को तैयार हो गए। हंगामा इतना बढ़ा की सहारनपुर देहात आशु विधायक ने बीच बचाव करना पड़ा तथा किसी प्रकार नेताओं को शांत कराया। इसका वीडियो भी वायरल हो गया है। 

सपा प्रदेशाध्यक्ष श्यामलाल पाल गुरुवार की दोपहर सर्किट हाउस में सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक के दौरान पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान से लेकर जिलाध्यक्ष चौ. अब्दुल वाहिद, मजाहिर राणा, पूर्व विधायक विरेन्द्र ठाकुर सहित जिले के तमाम बड़े संगठन की मजबूती तथा कार्यप्रणाली को लेकर विचार प्रकट कर रहे थे। एक के बाद एक नेताओं द्वारा जब पार्टी नीतियों आदि पर चर्चा शुरू की तो कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया।

इसी दौरान वरिष्ठ सपा नेता चौधरी सलीम अख्तर ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर संगठन व कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोप लगाने शुरू कर दिए। जिसपर कई वरिष्ठ सपा नेताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया तथा बैठक हंगामा खड़ा हो गया। मामला ठहरा ही था कि प्रदेश सचिव ममता चौधरी ने पार्टी में पीडीए के प्रति उपेक्षात्मक रवैये रखने के खुले आरोप लगाए।

बाद में प्रदेश सचिव विजेन्द्र विश्वकर्मा का भी आरोप था कि पीडीए की बात करने वाली पार्टी में पीडीए की ही भारी अनदेखी की जा रही है, जिसको लेकर काफी देर हंगामे की स्थिति बनी रही। यही नहीं सपा नेताओं ने हंगामे की फोटो खींचने व वीडियो बनाने से भी रोकना शुरू कर दिया।

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मामला बढ़ता देख पूर्व सांसद फजलुर्रहमान और सहारनपुर देहात विधायक आशु मलिक ने खड़े होकर कार्यकर्ताओं के सम्मान में कमी नहीं आने दी जाएगी तथा पार्टी में उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी आदि आश्वासन देकर किसी प्रकार मामला शांत कराया।

प्रदेशाध्यक्ष की समीक्षा बैठक में हुए हंगामे से पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं होने के संकेत मिलने लगे है। देखना अब यह है कि सपा आलाकमान की नेताओं को एकजुट रखने की क्या रणनीति रहेगी?