कागजों में बुलडोजर चला रहा SDA: बिना नक्शा पास कराए बन रहे शोरूम व कॉलोनियां, 6 हजार नोटिस जारी, लेकिन कार्रवाई जीरो
Saharanpur News: 6,000 से अधिक अवैध निर्माणों को सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन तीन साल में भी कोई ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं हुई है।

दिल्ली रोड स्थित आवास विकास कालोनी में बनाया गया बेसमेंट। जागरण
HighLights
एसडीए के 12 जोनों में चल रहा अवैध निर्माण, अधिकारी मौके पर जाकर करते हैं खानापूर्ति।
तीन साल में भी कोई ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं हुई, अब इसका किया जा रहा है दावा।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। शहर में अवैध निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण के 12 जोन में अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन कार्रवाई की गति इतनी धीमी है कि छह हजार अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण करने में एसडीए के अधिकारी विफल रहे।
अवैध निर्माण आज भी जस के तस खड़े हुए है। एसडीए के 12 जोनों में करीब छह हजार अवैध निर्माण करने वालों को ध्वस्तीकरण के नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन पिछले तीन साल में भवन, इमारत, बिल्डिंग, अवैध मार्केट को ध्वस्त नहीं किया जा सका।
सहारनपुर के स्तर पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण, आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां और मानकों के विपरीत किए गए निर्माण लगातार सामने आ रहे हैं। अवैध निर्माण के मामलों में प्राधिकरण की तरफ से नोटिस जारी कर निर्माणकर्ताओं से जवाब मांगा गया है।
शहर के अंबाला रोड, देहरादून रोड, मल्हीपुर रोड, चिलकाना रोड, दिल्ली रोड आदि प्रमुख मार्गों, कालोनियों और बाहरी क्षेत्रों में तेजी से निर्माण हो रहा है। भूखंडों का विभाजन कर कालोनियां विकसित की जा रही हैं, जबकि इनके लिए आवश्यक स्वीकृति और मानचित्र प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
इसके अलावा कई स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। भगत सिंह मार्केट, रायवाला, हकीकत नगर, घंटाघर, अंबाला रोड, नेहरू मार्केट, गंगोह रोड आदि स्थानों पर बड़े-बड़े अवैध शोरूम बनाकर तैयार कर दिए गए है।
हैरत की बात यह है कि अवैध निर्माण के मामलों में नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। छह हजार जिन लोगों को ध्वस्तीकरण के नोटिस दिए गए हैं। उनका अवैध निर्माण को ध्वस्त तक नहीं किया जा सका। महज कागजों में ही कार्रवाई की जा रही है।
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अवैध निर्माण के साथ ही शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकसित हो रही अनधिकृत कालोनियां भी प्राधिकरण के लिए चुनौती बनी हुई हैं। बिना लेआउट स्वीकृत कराए प्लाट काटने और सड़क, नाली, बिजली आदि की व्यवस्था के बिना कालोनियां विकसित करने से भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्राधिकरण की तरफ से ऐसी कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन नई कालोनियों के विकसित होने का सिलसिला पूरी तरह नहीं रुक पाया है।
अवैध निर्माण और अनधिकृत कालोनियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जैसे शासन से निर्देश मिलेंगे उनका पालन होगा।
-सुरेश कुमार, सचिव सहारनपुर विकास प्राधिकरण।
