एक के बदले 10 लाख! इंटरनेट मीडिया पर यूं पसरा है नकली नोटों के नाम पर ठगी का जाल
इंटरनेट मीडिया पर नकली नोटों के नाम पर ठगी का नया जाल फैला है, जहां एक लाख के बदले दस ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
इंस्टाग्राम-फेसबुक पर सक्रिय हो रहे संदिग्ध अकाउंट पर पुलिस की नजर
मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर लोगों को दिया जा रहा कमाई का लालच
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। इंटरनेट मीडिया पर कम समय में मोटी कमाई का लालच देकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाने का नया तरीका सामने आया है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सक्रिय कुछ संदिग्ध अकाउंट के जरिए एक लाख रुपये के बदले दस लाख रुपये देने का दावा किया जा रहा है। इन पोस्ट में संपर्क के लिए बाकायदा मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे अकाउंट और मोबाइल नंबरों को चिह्नित कर जांच शुरू कर दी है। सहारनपुर जिले में पिछले दो माह में नकली नोट, नकली सिक्के व एंटीक नोटों को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं।
पिछले कुछ समय से इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट प्रसारित कर कथित तौर पर नकली नोटों की खरीद-फरोख्त का प्रलोभन दिया जा रहा है। पोस्ट में किए जा रहे दावों के मुताबिक, कम रकम देकर कई गुना अधिक धन हासिल किया जा सकता है। इस तरह के आकर्षक आफर के जरिए लोगों को संपर्क करने के लिए उकसाया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की आड़ में ठगी किए जाने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
संदिग्ध अकाउंट से साझा किए जा रहे वीडियो और तस्वीरों में कथित तौर पर उसी दिन की तारीख लिखी पर्ची भी दिखाई जा रही है। इसका मकसद लोगों को यह विश्वास दिलाना है कि वीडियो हाल ही में बनाया गया है और सौदेबाजी का प्रस्ताव वास्तविक है। इस तरीके से सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भरोसा कायम करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद साइबर थाना पुलिस संदिग्ध मोबाइल नंबरों, इंटरनेट मीडिया अकाउंट और उनके संचालकों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस इन पोस्ट के पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका और उनके दावों की सत्यता की पड़ताल कर रही है।
पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि पूरा मामला नकली नोटों के कारोबार से जुड़ा है या लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए ठगी का कोई संगठित गिरोह चलाया जा रहा है। एसपी सिटी व साइबर के नोडल अधिकारी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस लगातार ऐसी पोस्ट पर नजर रखे हुए हैं। लोगों को भी इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।