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सहारनपुर: नकली सिक्कों के गिरोह ने कमीशन का लालच देकर युवाओं को बनाया मोहरा, ऐसे खुला पूरा राज

Published: Tue, 15 Sep 2026 11:48 AM (IST)

सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह ने युवाओं को कमीशन का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल किया।

HighLights

  1. नकली सिक्के गिरोह ने युवाओं को कमीशन देकर मोहरा बनाया।

  2. बाजार में नकली सिक्के खपाने पर मिलता था कमीशन।

  3. मुख्य आरोपी उपकार लूथरा ने सोनीपत में फैक्ट्री लगाई थी।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकली सिक्के बनाकर उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह ने अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए मुख्य आरोपित उपकार लूथरा ने युवाओं को कमीशन का लालच देकर साथ जोड़ने का तरीका अपनाया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य युवाओं को नकली सिक्कों की खेप उपलब्ध कराते थे और उन्हें बाजार में चलाने की जिम्मेदारी सौंपते थे। इसके बदले उन्हें नकली सिक्कों की कीमत के हिसाब से कमीशन दिया जाता था।

पुलिस जांच के अनुसार गिरोह से जुड़ने वाले युवाओं को चार हजार रुपये के नकली सिक्के बाजार में खपाने पर 400 रुपये कमीशन दिया जाता था। आसान कमाई के लालच में कई युवा गिरोह के संपर्क में आए और धीरे-धीरे नकली सिक्कों को बाजार तक पहुंचाने का नेटवर्क बढ़ता चला गया।

पुलिस के मुताबिक गिरोह का उद्देश्य केवल स्थानीय स्तर पर नकली सिक्कों को चलाना नहीं था, बल्कि अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार करना था। गिरोह में शामिल ज्यादातर लोगों की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

आरोपितों से बरामद अधबने सिक्के। जागरण

पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। अधिकारियों का फोकस नकली सिक्कों की सप्लाई चेन तोड़ने के साथ उन युवाओं तक पहुंचने पर है, जिन्हें कमीशन का लालच देकर इस अवैध धंधे में शामिल किया गया।

तीतरो में फैक्ट्री लगाने की थी तैयारी

नकली सिक्के बनाने वाले आरोपित उपकार लूथरा ने हरियाणा के सोनीपत जिले के राई में अपनी फैक्ट्री लगा रखी थी। नौ सितंबर को उसके गिरोह के एक युवक पारस को दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्कों के साथ गिरफ्तार किया था। पारस के पकड़े जाने के डर के कारण आरोपित उपकार लूथरा ने अपनी फैक्ट्री को तीतरो क्षेत्र में लगाने की तैयारी की थी। 

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