सोनीपत में पेचकस फैक्ट्री की आड़ में 14 महीने से ढाल रहे थे नकली सिक्के, प्रॉपर्टी डीलर के चक्कर में ओनर फंसा
सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में एक पेचकस फैक्ट्री की आड़ में 14 महीने से चल रही नकली सिक्के बनाने ...और पढ़ें
HighLights
सोनीपत में पेचकस फैक्ट्री में नकली सिक्के बनाने का खुलासा।
सहारनपुर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर भंडाफोड़ किया।
फैक्ट्री मालिक ने बिना वेरिफिकेशन प्रॉपर्टी किराए पर दी थी।
जागरण संवाददाता, सोनीपत (गन्नौर)। हरियाणा के सोनीपत स्थित बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की 136 नंबर फैक्ट्री से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पेचकस बनाने की आड़ में पिछले 14 महीनों से अवैध रूप से नकली सिक्के ढाले जा रहे थे।
जांच में पता चला है कि प्रॉपर्टी डीलर ने आरोपितों की गारंटी लेकर उन्हें बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन और जीएसटी नंबर के प्रॉपर्टी किराये पर दिला दी थी। अब दोनों गन्नौर पुलिस की रडार पर हैं। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, सहारनपुर पुलिस की विशेष टीम ने जब बड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी कर इस अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया तो सबके होश फाख्ता हो गए। मौके से भारी मात्रा में तैयार नकली सिक्के, कच्चा माल और सिक्के ढालने की मशीनें जब्त की गई हैं।
पेचकस फैक्ट्री के नाम पर ली थी प्रॉपर्टी
जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर निवासी अनुराग उर्फ लंकेश ने पिछले साल जुलाई में यह फैक्ट्री किराये पर ली थी। सोनीपत के सेक्टर-12 निवासी कारोबारी विशाल जैन की इस फैक्ट्री को प्रॉपर्टी डीलर शिवकुमार कालिया ने किराये पर चढ़वाया था। फैक्ट्री का किराया 51,000 रुपये प्रतिमाह तय किया गया था।
प्रॉपर्टी डीलर ने थी किरायेदार की गारंटी
प्रॉपर्टी डीलर ने रेंट एग्रीमेंट बनवाते समय किरायेदार को अपना जानकार बताते हुए गारंटी ली थी। इसी भरोसे के कारण मकान मालिक विशाल जैन ने किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया।
सहारनपुर पुलिस की छापेमारी में पर्दाफाश
बता दें कि 11 सितंबर की रात सहारनपुर पुलिस की टीम ने सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में दबिश दी थी। पुलिस ने मौके से सिक्के ढालने वाली कई भारी मशीनें, कच्चा माल और लाखों रुपये मूल्य के तैयार व आधी प्रक्रिया पूरी कर चुके सिक्के जब्त किए। मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मास्टरमाइंड उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह और अनुराग उर्फ लंकेश शामिल हैं।
बिना पड़ताल और बिना GST नंबर के दी फैक्ट्री
कारोबारी विशाल जैन ने फैक्ट्री किराये पर देते समय न तो पुलिस वेरिफिकेशन कराया और न ही किरायेदार के पास कोई वैध जीएसटी नंबर था। विशाल जैन की बड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में एक और फैक्ट्री है जिसे उन्होंने किराये पर दे रखा है, जहां मेटल पॉलिश का काम होता है।
इसके अलावा उनकी कई अन्य प्रॉपर्टीज भी किराये पर हैं। लापरवाही सामने आने के बाद गन्नौर थाना पुलिस ने कारोबारी विशाल जैन को पूछताछ के लिए समन भेजकर तलब किया है। गन्नौर पुलिस अब मकान मालिक और प्रॉपर्टी डीलर दोनों से पूछताछ कर रही है।
