यूपी में धुएं और प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक को पीट-पीटकर मार डाला
सहारनपुर में प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री के मालिक अरबीन चौहान को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन ...और पढ़ें

HighLights
सहारनपुर में फैक्ट्री मालिक की पीट-पीटकर हत्या।
प्रदूषण फैलाने के विरोध में ग्रामीणों ने किया हमला।
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पुराने टायरों को पिघलाकर तेल निकालने वाली फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण का विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक को पीट-पीटकर मार डाला। पिटाई में मालिक के दोस्त व एक आरोपित भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। फैक्ट्री के चौकीदार की शिकायत पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
अरबीन चौहान की ग्रीन फ्यूल के नाम से फैक्ट्री है। इससे निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर आसपास के ग्रामीणों ने कई बार नाराजगी जताई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं से उन्हें परेशानी हो रही थी। शुक्रवार रात सवा आठ बजे कई ग्रामीण फैक्ट्री पर आए और चौकीदार किशन सिंह के साथ गाली गलौज करते हुए फैक्ट्री बंद करने को कहा। किशन ने ग्रामीणों के आने की सूचना अरबीन को दी।
अरबीन अपने दोस्त व साझीदार सादिक के साथ फैक्ट्री पर पहुंचे। बातचीत के दौरान ग्रामीण उत्तेजित हो गए और लाठी व लोहे की राड से हमला कर दिया। मारपीट में अरबीन व सादिक तथा आरोपित संजय घायल हो गए। चौकीदार की सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे गंगोह थाना प्रभारी इंद्रेश चौहान ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।
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उपचार के दौरान अरबीन की मौत हो गई। एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि आरोपित नीरज, पंकज, मेम कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि संजय को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
स्वजन का आरोप
रुपये नहीं देने पर की गई हत्या अरबीन ने यह फैक्ट्री दो वर्ष पहले लगाई थी। इससे पहले ग्रामीणों ने प्रदूषण को लेकर कभी एतराज नहीं किया था। अरबीन के चाचा इकराम ने बताया कि फैक्ट्री शुरू होने के बाद से ही कुछ लोग रुपये मांगते थे और विरोध करने पर गाली-गलौज करते थे। अरबीन तीन बार उन्हें रुपये दे चुका था, लेकिन इसके बाद भी मांग बंद नहीं हुई।
