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Delhi-Dehradun Highway के उद्घाटन में अब एक माह से भी कम समय बाकी, NHAI के अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों को परखा

By Sanjeev Kumar Gupta Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 24 Mar 2026 06:06 AM (IST)

Delhi-Dehradun Greenfield Highway : एनएचएआइ के अधिकारियों ने सहारनपुर में हाईवे पर कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों को परखा। जिले में हाईवे की लंबाई 74 किमी है।

दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड हाईवे का निरीक्षण करते अधि‍कारी।

दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड हाईवे का निरीक्षण करते अधि‍कारी।

HighLights

  1. प्रधानमंत्री के उद्घाटन करने की संभावना, सहारनपुर में 74 किमी लंबा है यह हाईवे।

  2. एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेन्द्र सिंह ने किया हाईवे का निरीक्षण। 

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड हाईवे का अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि अभी तिथि तय होनी बाकी है।

एनएचएआई के अधिकारियों ने जिले में 74 किमी हाईवे का कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों को परखा। हाईवे पर 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कारिडोर बनाया गया है।

जिले में ग्रीन फील्ड हाईवे का सोमवार को बड़गांव इंटरचेज के अलावा कई स्थानों पर बागपत में एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेन्द्र सिंह ने टीम के साथ निरीक्षण किया। कई स्थानों पर अधिकारियों से हाईवे के बारे में जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिहारीगढ़ के नजदीक गणेशपुर पर हाईवे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च अधिकारियों के साथ एनएचएआई की बैठक में उद्घाटन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

यह हाईवे शामली के ख्यावड़ी गांव से दो किमी आगे सहारनपुर में यह हाईवे प्रवेश करता है।बागपत डिवीजन के अंतर्गत बड़गांव क्षेत्र में लाखनौर के गोल चक्कर तक इसकी दूरी 33 किमी है। इससे आगे के 41 किमी हिस्से पर वाहन पिछले दो माह से दौड़ रहे हैं।

जिले में हाईवे की लंबाई 74 किमी है। हाईवे पर बड़गांव इंटरचेज के अलावा डाटकाली मंदिर के पास 26 करोड़ की लागत से 1.3 किमी लंबा वायाडक्ट(ऊंचा पुल)भी बनकर तैयार है।

यह वायाडक्ट उत्तराखंड में प्रवेश करने वाली सुरंग से पहले बनाया गया है। डाट काली मंदिर उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर स्थित प्रमुख मंदिर माना जाता है।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए यहां ऊंचे पुल का निर्माण करने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा हाईवे पर 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कारिडोर भी बनाया गया है।

मानसून के दौरान देहरादून क्षेत्र में बरसाती नदियों में आई भयंकर बाढ़ को देखते हुए एलिवेटेड रोड के 575 पिलरों में से तेज धारा में आने वाले लगभग 24 पिलर्स की डेढ से दो फीट मोटाई बढाकर और मजबूती दी गई है।

एलिवेटेड सेक्शन पूरी तरह तैयार

दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर डाटकाली मंदिर से गणेशपुर तक 12 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन पूरी तरह तैयार है। यह हिस्सा पहाड़ी बरसाती नदी के ऊपर बनाया गया है। इस एलिवेटेड रोड पर 28 दिसंबर से वाहनों का संचालन हो रहा है।

यह एशिया का सबसे लंबा इको-कारिडोर बताया जा रहा है। एलीवेटेड कारिडोर राजाजी नेशनल पार्क की रमणीय वादियों से होकर गुजरता है।

इसके अलावा छह एनिमल अंडरपास, दो हाथी अंडरपास, 113 अंडरपास,76 किमी सर्विस रोड,62 बस शेल्टर,16 प्रवेश और निकास द्वार, पांच रेलवे ओवरब्रिज हैं।

इसके साथ ही डाट काली मंदिर के पास 1995 करोड़ की लागत से 340 मीटर लंबी तीन लेन सुरंग भी शामिल है जिसकी चौड़ाई 11 मीटर व ऊंचाई सात मीटर रखी गई है। एनएचएआइ के चेयरमैन संतोष यादव ने टीम के साथ 22 फरवरी को हाईवे का निरीक्षण किया था।