सहारनपुर, जेएनएन। गंगोह में विश्व हिन्दू महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने जातियों के नाम पर बनी सेनाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने सामाजिक समरसता को हिन्दुत्व का प्राण बताया।

कृष्णा इंस्टीट्यूट में आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन में यह विचार व्यक्त करते हुए भिखारी प्रजापति ने कहा कि वे गोरक्षपीठ से योगी आदित्यनाथ का संदेश लेकर उनके बीच आये है। कहा कि देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले सभी जाति के लोग है। पद पूर्व हो जाते है लेकिन सन्यासी कभी पूर्व नही होता। रावण द्वारा इतना बलवान, धनवान और विद्धान होने के बावजूद मरने का कारण पूछने पर भगवान राम ने कहा कि परस्त्री हरण और चरित्रहीनता के कारण उसका यह हाल हुआ। आतंक के खात्मे को उन्होंने एकजुटता की अपील की। प्रजापति ने कहा कि देश पर जान देने वाले लोगों में सर्व समाज के लोग रहे। कार्यक्रम के दौरान ब्रहमलीन गोरक्षापीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ का भी स्मरण किया गया। विधायक कीरत सिंह, पर्यावरणविद् राजेन्द्र अटल, जिलाध्यक्ष विनय सिघल ने भी विचार रखे। अध्यक्षता योगेश गर्ग व संचालन डा. ओमपाल सैनी ने किया। सहारनपुर में भिखारी प्रजापति ने म्हाड़ी स्थल पर माथा टेका तत्पश्चात श्रीगोगा जी महाराज सुधार सभा पदाधिकारियों से भेंट की। इस दौरान सुधार सभा द्वारा भिखारी प्रजापति व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारियों का पगड़ी पहना तथा फूल मालाओं से स्वागत किया। सुधार सभा द्वारा मेला गुघाल शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को ज्ञापन सौंपा। भिखारी प्रजापति ने आश्वासन दिया,कि वह मेले को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए प्रजापति ने कहा कि भाजपा किसी जाति धर्म से ऊपर उठकर सबका साथ सबका विकास का निर्णय लेकर चलती है। इस दौरान सुधार सभा के चौ. अनिल सैनी, अध्यक्ष गुलशन सागर-गंगा,महामंत्री ओम प्रकाश सैनी, विकास सैनी, स्नेहलता, सुरेश वाल्मीकि, कमल कश्यप, सीवांशु सैनी, विकास कुमार, प्रवीण, विकास उपाध्याय, मेमो देवी विनय सिघल, डा. आरबी सिंह, अवनीश गौड़, राकेश राणा, प्रदीप वालिया, रामेन्द्र राणा आदि मौजूद रहे।

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