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बुढ़ापे के सहारे पर संकट: परिवार रजिस्टर ने छीनी हजारों बुजुर्गों की पेंशन, अब उम्र साबित करने की चुनौती

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 07 Nov 2026 12:47 PM (GMT+05:30)

सहारनपुर में 8171 बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन परिवार रजिस्टर में उम्र कम दर्ज होने के कारण रोक दी गई है, ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो

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HighLights

  1. सहारनपुर में परिवार रजिस्टर के सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी।

  2. रजिस्टर के आंकड़ों से मिलान नहीं होने पर सिस्टम ने रोकी पेंशन।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। उम्र के उस पड़ाव पर जब शरीर जवाब देने लगता है और दवा-पानी से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सरकारी पेंशन ही बुढ़ापे का सहारा होती है, उस समय जिले के 8171 बुजुर्गों के सामने अपनी उम्र साबित करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

सरकारी दस्तावेजों में दर्ज उम्र के अंतर ने इन बुजुर्गों की पेंशन पर ही रोक लगा दी है। परिवार रजिस्टर के सत्यापन में उम्र 59 वर्ष से कम मिलने पर समाज कल्याण विभाग के साफ्टवेयर ने इन सभी लाभार्थियों की वृद्धावस्था पेंशन ब्लाक कर दी है। अब पेंशन दोबारा पाने के लिए बुजुर्गों को अपनी वास्तविक उम्र के प्रमाण जुटाने होंगे।

जिले में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत कुल 1,50,190 लाभार्थी पंजीकृत हैं। योजना में शुरुआत में आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया था। उस समय सभी की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक थी और वे पेंशन पाने की पात्रता पूरी कर रहे थे। लेकिन अब शासन के निर्देश पर योजना में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों का ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर से मिलान कराया जा रहा है।

सत्यापन के दौरान 8171 लाभार्थियों के परिवार रजिस्टर में उम्र 59 वर्ष से कम दर्ज मिली। माना जा रहा है कि पंचायतों के पुराने अभिलेखों में दर्ज त्रुटियों और डिजिटल रिकार्ड में गलत प्रविष्टियों के चलते यह स्थिति बनी है। आधार में उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के बावजूद परिवार रजिस्टर के आंकड़ों से मिलान नहीं होने पर सिस्टम ने पेंशन रोक दी। ऐसे में उन बुजुर्गों की मुश्किल बढ़ गई है, जिनकी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार यही पेंशन है।

विभाग प्रभावित बुजुर्गों को अपनी वास्तविक उम्र साबित करने का अवसर देगा। इसके लिए परिवार रजिस्टर की संशोधित नकल, शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी), मार्कशीट अथवा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकेंगे।

दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद विभाग रिपोर्ट तैयार कर समाज कल्याण निदेशालय, लखनऊ भेजेगा। पेंशन बहाली पर अंतिम निर्णय निदेशालय स्तर से लिया जाएगा। फिलहाल इन बुजुर्गों को राहत मिलने की उम्मीद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर टिकी है।जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना ने बताया कि परिवार रजिस्टर के सत्यापन में 8171 लाभार्थियों की उम्र 59 वर्ष से कम दर्ज मिली है। इसी वजह से उनकी पेंशन फिलहाल रोकी गई है। प्रभावित बुजुर्गों को वास्तविक उम्र प्रमाणित करने के लिए वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। सत्यापन के बाद रिपोर्ट स्वीकृति के लिए निदेशालय भेजी जाएगी। वहीं से पेंशन बहाली पर अंतिम निर्णय होगा।

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