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राष्ट्रीय पशुधन मिशन: बकरी पालन से मोटी कमाई करने का मौका, 100 बकरियों की यूनिट पर सरकार देगी 50% की सब्सिडी

Published: Tue, 20 Oct 2026 02:58 PM (IST)Updated: Tue, 20 Oct 2026 04:02 PM (IST)

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत अब 100 बकरियों और 5 बकरों की इकाई स्थापित करने पर कुल लागत का 50% अनुदान मिलेगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. राष्ट्रीय पशुधन मिशन में बदलाव, 100 बकरियों की इकाई।

  2. परियोजना लागत का 50% अनुदान भारत सरकार देगी।

  3. ग्रामीण युवाओं, किसानों के लिए स्वरोजगार का अवसर।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। बकरी पालन के जरिए स्वरोजगार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) के तहत बकरी पालन इकाई स्थापित करने के प्रावधानों में बदलाव किया गया है।

नई व्यवस्था के अनुसार, अब लाभार्थी एक बार में 100 बकरियों और पांच बकरों की इकाई स्थापित कर सकेंगे। इससे कम पूंजी और सीमित संसाधनों के साथ पशुपालन व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को परियोजना की कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार की ओर से दिया जाएगा।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। पहले योजना के अंतर्गत 100 से 500 बकरियों तक की इकाई स्थापित करने का प्रावधान था। अब एक बार में 100 बकरियों और पांच बकरों की इकाई लगाने की व्यवस्था से छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने वालों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

लाभार्थी अपनी आर्थिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और व्यवसाय के अनुभव के अनुसार बकरी पालन शुरू कर सकते हैं। कारोबार बढ़ने के साथ भविष्य में अपनी क्षमता के अनुरूप विस्तार की संभावनाएं भी तलाश सकते हैं।

योजना की सबसे अहम बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को बकरी पालन इकाई स्थापित करने के लिए परियोजना की कुल स्वीकृत लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इससे इकाई स्थापित करने में आने वाला शुरुआती आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, अनुदान का लाभ निर्धारित नियमों, पात्रता और परियोजना की स्वीकृति के आधार पर ही मिलेगा। इच्छुक आवेदकों को आवेदन करने से पहले योजना से संबंधित दिशा-निर्देशों और वित्तीय शर्तों की जानकारी जुटानी होगी। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के प्रभावी संचालन और पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए पशुपालन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

बकरी पालन इकाई स्थापित करने के इच्छुक लोग विभाग से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता, परियोजना लागत और अनुदान से जुड़ी शर्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह गौर ने बताया कि ग्रामीण युवाओं, किसानों और पशुपालन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह योजना स्वरोजगार का अवसर बन सकती है।

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