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CO-20016 से बदलेगी गन्ना किसानों की किस्मत, कम लागत में मिलेगा ज्यादा उत्पादन

By Vishva Pratap Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 07 Nov 2026 06:40 AM (GMT+05:30)

गन्ना विभाग और चीनी मिलें किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई गन्ना प्रजातियां CO-20016 और CO-18222 तैयार कर रही ...और पढ़ें



HighLights

  1. रेड रोट रोधी है नई गन्ना प्रजाति, गन्ना विभाग तैयार कर रहा पौध

  2. गन्ने की सीओ-0238 प्रजाति का मजबूत विकल्प बनेगी सीओ-20016

विश्व प्रताप, सहारनपुर। गन्ना विभाग और चीनी मिल किसानों की आय बढ़ाने के लिए गन्ने की नई प्रजातियों को तैयार करा रहा है। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान कोयंबटूर द्वारा विकसित गन्ने की अगेती प्रजाति सीओ-20016 और सामान्य प्रजाति सीओ-18222 भले ही अभी शोध के अंतिम चरण में हों, लेकिन शोध के दौरान इन दोनों प्रजातियों ने रोगरोधी होने से साथ ही रिकार्ड उत्पादन दिया है।

इससे किसानों को सीओ-0238 गन्ना प्रजाति को बेहतर विकल्प मिल सकेगा। गन्ना विभाग के सहयोग से बिडवी चीनी मिल इस साल जनपद में इन दोनों प्रजातियों की पौध तैयार कराने में जुटा है।

बिडवी चीनी मिल के एजीएम विकास सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को अगले साल तक दो नई गन्ना प्रजाति मिलने की उम्मीद है। ट्रायल के दौरान अगेती प्रजाति सीओ-20016 और सामान्य प्रजाति सीओ-18222 से करीब 1300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ना उत्पादन मिला है, जबकि सीओ-0238 प्रजाति से गन्ना उत्पादन 1200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक ही मिल रहा था।

इतना ही नहीं दोनों नई प्रजातियों के गन्ने में चीनी परता भी सीओ-0238 से थोड़ा अधिक पाया गया है। यानि नई गन्ना प्रजाति किसानों के साथ ही मिलों के लिए भी फायदेमंद साबित होंगी। एजीएम विकास सिंह ने बताया कि मुजफ्फरनगर के रोहाना क्षेत्र के गांव बड़कली से करीब 184 क्विंटल बीज लाकर क्षेत्र के 41 गांवों के 76 प्रगतिशील किसानों को वितरित किया गया है।

दो रुपये प्रति बड़ (गन्ने की आंख) के हिसाब से बीज देकर किसानों से पौधाशाला तैयार कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में गन्ना विभाग की कोर कमेटी की मीटिंग के बाद दोनों प्रजातियों के रिलीज होने की उम्मीद है। इसके बाद फरवरी में बसंतकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसानों को नई प्रजातियों का बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बेहट सोसाइटी के भी तीन-चार किसानों को बीज दिया है। इन प्रजातियों के अलावा पिछले साल रिलीज हुई गन्ना प्रजाति सीओ-16202 व सीओ-18231 की भी करीब पांच-पांच हेक्टेयर पौधशाला लगवाई गई हैं। पिछले साल भी इनकी पौध लगवाई थी। दोनों प्रजातियों ने करीब 1100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन दिया है।

ये हैं नई गन्ना प्रजातियों की खूबी

सीओ-20016 और सीओ-18222 दोनों नई प्रजातियों का गन्ना काफी मोटा है तथा पत्ती में कांटे या रोए भी नहीं हैं। इससे इसकी छिलाई भी आसानी से हो जाएगी। नई प्रजातियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है, जो इन्हें लाल सड़न (रेड राट) रोग से बचाती है।

बढ़वार अधिक होने तथा ठोस तना होने से पैदावार अधिक होती है। रोगरोधी होने के चलते किसानों को फसल तैयार करने में कम दवाओं लगानी पड़ेगी। इससे लागत में कमी आएगी तथा पैदावार भी अधिक मिलेगी।

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