सहारनपुर, जेएनएन। कोरोना को हराने के लिए हौसले की जरूरत है। जिले के सैकड़ों लोगों ने हौसला रखा और उपचार लिया, जिस कारण कोरोना से ठीक हो गए। जिसने हौसला तोड़ा, उसे नुकसान हुआ। शहर की ब्रिज विहार कालोनी के रहने वाले गौरव सैनी ने भी हौसले से कोरोना को मात दी है। उन्होंने अपने घर पर ही डाक्टर की सलाह से दवाइयां ली और घरेलु नुस्खे आजमाए।

ब्रिज विहार निवासी गौरव सैनी ने बताया कि वह एमआर हैं। करीब एक माह पूर्व उन्हें बुखार हुआ। दो दिन बाद खांसी भी हो गई, जिसके बाद डाक्टर ने उन्हें कोरोना टेस्ट कराने की सलाह दी। टेस्ट कराया तो रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। डाक्टरों ने गौरव सैनी को होम आइसोलेशन कर दिया। घर में परिवार के लोगों ने गौरव की देखभाल शुरू कर दी। गौरव का कहना है कि उसने गर्म पानी नियमित रूप से पीया। घर में बना हुआ काढ़ा पीया। इसके अलावा खट्टे फल खूब खाए। नारियल पानी और फलों का जूस पीया, जिससे उसकी इम्यूनिटी मजबूत होती गई। साथ ही डाक्टर की सलाह से दवाइयों का सेवन किया। करीब 16 दिन के बाद दोबारा से उन्होंने टेस्ट कराया तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। गौरव ने अपने परिवार का भी टेस्ट कराया था। वह सभी ठीक मिले हैं।

संवाद सहयोगी, गंगोह : शनिवार को वीकेंड लाकडाउन के पहले दिन अधिकतर दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर जमे रहे। दोपहर के बाद सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर रहा।

शासन द्वारा जून माह में लाकडाउन हटा कर वीकेंड लाकडाउन कर दिया गया था। कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आने के बाद ऐसा किया गया था। लाकडाउन हटने के बाद शनिवार को पहली बंदी थी जिनमें आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की छूट दी गई थी। सरकार द्वारा लोगों से गाइड लाइन का पालन करने की अपील की थी लेकिन शनिवार को कही भी ऐसा नहीं दिखा कि लोग कोरोना से डर रहे हैं। बाजार बंदी के आदेशों के बावजूद अधिकतर दुकानदार सुबह ही घरों से निकल कर अपनी दुकानों के बाहर बैठ गए और ग्राहक के आते ही शटर उठा कर सामान बेच लिया। दोपहर तक यही सिलसिला चलता रहा।

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