किशाऊ बांध परियोजना से मिलेगा भरपूर पानी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले
किशाऊ बांध परियोजना पश्चिमी यूपी की पूर्वी यमुना नहर को पूरे वर्ष भरपूर पानी उपलब्ध कराएगी, जिससे रबी सीजन में पानी की कमी दूर होगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
किशाऊ बांध से पूर्वी यमुना नहर को मिलेगा साल भर पानी।
रबी सीजन में पानी की कमी की समस्या होगी दूर।
पश्चिमी यूपी के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को किशाऊ बांध परियोजना से यहां पूर्वी यमुना नहर को पूरे वर्ष भरपूर पानी मिल सकेगा। नहर में रबी सीजन के दौरान पानी का प्रवाह केवल 40 प्रतिशत तक रह जाता है, जिससे खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
किशाऊ परियोजना से जुड़ी लखवार और रेणुका बांध के लिए यूपी द्वारा अपने हिस्से की 717 करोड़ से अधिक राशि मार्च में दी गई थी। सहारनपुर के बड़े भूभाग में खेतों की सिंचाई पूर्वी यमुना नहर से होती है।
खेती के लिए वर्ष भर पर्याप्त पानी मिलेगा
किशाऊ बांध परियोजना साकार होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को खेती के लिए वर्ष भर पर्याप्त पानी सुलभ हो सकेगा। यमुना नदी से सहारनपुर की पूर्वी यमुना नहर में पानी छोड़ा जाता है।
सिंचाई विभाग के अनुसार रबी सीजन के दौरान अक्टूबर से मार्च तक नहर में पानी का प्रवाह केवल 40 प्रतिशत तक रह जाता है, जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता और ट्यूबवेल पर निर्भरता बढ़ जाती है।
यूपी ने दी 717 करोड़ से अधिक की राशि
पूर्वी यमुना नहर के पानी से सहारनपुर के बाद शामली, बागपत और गाजियाबाद के किसानों को लाभ मिलता है। विभाग के अनुसार किशाऊ बांध परियोजना के साथ ही लखवार और रेणुकाजी परियोजना से जुड़ी है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में निर्माणाधीन दो जल परियोजनाओं लखवार और रेणुका जी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी के रूप में मार्च-2026 में 717 करोड़ से अधिक की राशि प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई माध्यम से इन राज्यों को भेजी गई थी।
बिजली उत्पादन के साथ पानी भी
रेणुकाजी बांध परियोजना में हिस्सेदारी के रूप में 361.04 करोड़ रुपये और उत्तराखंड के देहरादून और टिहरी गढ़वाल जिले के लोहारी गांव के पास यमुना नदी पर निर्माणाधीन लखवार परियोजना में प्रदेश की हिस्सेदारी के रूप में 356.07 करोड़ रुपये शामिल थे।
किशाऊ, रेणुकाजी और लखवार परियोजनाओं के आपस जुड़े होने के बिजली उत्पादन के साथ सिंचाई के लिए मांग के मुताबिक पानी की सुलभता आसान होगी। अपर खंड पूर्वी यमुना नहर के अधिशासी अभियंता प्रवीन जोशिया ने बताया कि रबी सीजन में पूर्वी यमुना को प्रचुर मात्रा में पानी मिल सकेगा।
