VIDEO: जयन्त चौधरी बोले- PDA वालों को इसकी फुल फॉर्म ही नहीं पता... 36 बिरादरी साथ आने पर ये आंधी में उड़ जाएंगे
jayant Chaudhary: जयन्त चौधरी ने सहारनपुर रैली में PDA पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधियों को इसकी फुल फॉर्म नहीं पता और यह उनकी पीड़ा है।
HighLights
जयन्त चौधरी ने PDA की फुल फॉर्म पर सवाल उठाए।
बोले- NDA की 400 सीटें पार होने पर गन्ने का दाम 400 पार।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि पीडीए में सब चीज का नाम बदल जाता है। पीडीए वालों को पीडीए की फुल फॉर्म का ही पता नहीं है। पीडीए ही उनकी पीड़ा है। उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में जब एनडीए की 400 सीट पार होंगी तो गन्ने का दाम भी 400 के पार पहुंचेंगा। कहा कि जब 36 बिरादरी साथ आएंगी तो पीडीए आंधी में उड़ जाएगी। कोई भी नाम लेवा नहीं बचेगा।
रामपुर मनिहारान के गोचर महाविद्यालय में आयोजित स्वाभिमान रैली में पहुंचे राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने सबसे पहले मां शाकंभरी देवी का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि हर तरफ वर्षा हो रही है। मगर गोचर महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में प्यार की वर्षा हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान का लंबा इतिहास रहा है। वह यहां पर अपनी एक साल की सांसद निधि से खेल स्टेडियम का नाम निर्माण कराएंगे। विरोधियों पर निशाना साधते हुए जंयत चौधरी ने कहा कि चुनाव के चलते वातावरण गरमा रहा है। शुत्रु व विरोधियों की जुबान से लोकदल का नाम नहीं हट पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार एनडीए गंठबंधन की आंधी मे विरोधी उड़ जाएंगे।
जयन्त चौधरी ने कहा कि बीते दिनों प्रधानामंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक में गन्ने की खेती को लेकर बातचीत हुई। जिसमें पता चला कि गन्ना उत्पादन 2400 लाख टन से बढ़कर 3400 लाख टन पहुंच गया है। एनडीए सरकार में पहली बार करिश्मा हुआ है कि तीन लाख 25 हजार किसानों के खातों में समय से गन्ना भुगतान का रुपया पहुंच गया है।
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उन्होंने कहा कि चीनी के भाव पर विरोधियों ने हो हल्ला मचा रखा है। वहीं इथेनाल का भी विरोध किया जा रहा है। किसान जानता है कि जब उसका मक्का, गन्ना खरीदा जाएगा तो किसान को आमदनी होगी। जिस तरह स्व. चौधरी अजित सिंह ने इथेनाल का लेकर अपना पक्ष रखा था तो उस समय उनका विरोध किया गया था।
अब मैं इथेनाल को लेकर पक्ष रख रहा हूं तो मेरा भी विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब किसानों के अपना मजबूत वकील चुनना होगा। किसान भी बहुमत में हैं। विरोधियों ने गन्ना बिल को लेकर भी विरोध किया था। मगर जब प्रधानमंत्री ने मुझे लोगों की राय लेने के लिए भेजा तो सभी ने इसे बेहतर बताया।
