सहारनपुर: विभिन्न राज्यों में बुलडोजर और प्रशासनिक कार्रवाई पर जमीयत ने जताई चिंता, राष्ट्रपति से मिलेंगे मौलाना मदनी
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक और बुलडोजर कार्रवाई, भीड़ हिंसा तथा धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों पर चिंता ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
जमीयत ने प्रशासनिक और बुलडोजर कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई।
प्रभावितों को न्याय दिलाने हेतु संवैधानिक माध्यमों का उपयोग होगा।
मौलाना मदनी राष्ट्रपति से मिलकर स्थिति पर चर्चा करेंगे।
संवाद सहयोगी, देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक कार्रवाई, धार्मिक स्थलों व मदरसों से जुड़े मामलों, भीड़ हिंसा और बुलडोजर कार्रवाई पर चिंता जताई है। नई दिल्ली स्थित जमीयत के केंद्रीय कार्यालय में हुई बैठक में देश की मौजूदा स्थिति, मौलिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता, शरीअत से जुड़े मामलों, धार्मिक स्थलों, मस्जिदों और मदरसों के मुद्दों पर चर्चा हुई।
कहा गया कि कई राज्यों में नागरिक और धार्मिक अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन मामलों में प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता और न्याय दिलाने के लिए उपलब्ध सभी संवैधानिक माध्यमों का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगने के साथ साथ ही संवैधानिक व कानूनी मंचों पर भी प्रभावी पैरवी करने की बात भी कही गई।
जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि सरकार और प्रशासन की कथित एकतरफा कार्रवाइयों से प्रभावित लोगों के लिए न्यायिक माध्यम से प्रभावी राहत हासिल करने की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समुदाय को यह महसूस होने लगे कि व्यवस्था में उसके लिए प्रभावी कानूनी रास्ते सीमित हो रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
मदनी ने कहा कि जमीयत इस स्थिति पर गंभीरता से विचार कर रही है और सभी उपलब्ध संवैधानिक व कानूनी माध्यमों का सहारा लेगी। उन्होंने मुसलमानों और आम जनता से निराश या भयभीत न होने की अपील करते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों को संविधान के तहत मिले अधिकारों की रक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी और लोकतांत्रिक रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा।
कानून के शासन और संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संगठन अपने स्तर से प्रयास जारी रखेगा। कार्यसमिति में संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी निर्णय लिए गए। बैठक में दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी समेत देश के विभिन्न हिस्सों से कार्यसमिति के सदस्य शामिल हुए। महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने पिछली बैठक की कार्यवाही प्रस्तुत की, जिसे मंजूरी दी गई।
