सहारनपुर जेएनएन। मंडलायुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में गठित शासन स्तर की टीम द्वारा अवैध खनन को लेकर की गई जांच के बावजूद अवैध खनन व परिवहन का धंधा थम नहीं रहा है। नवागत एसडीएम दिप्ती देव यादव ने सीओ व एआरटीओ के साथ गुरुवार की रात चेकिग अभियान चलाया तो अवैध रूप से खनिज ले जाते पांच वाहन पकड़े गए, जिन्हें कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया।

शासन स्तर से अवैध खनन की जांच के लिए टीम गठित की गयी थी। टीम ने क्षेत्र में ड्रोन कैमरे तक से जांच अभियान चलाया। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गयी। इतनी सब कार्यवाही के बावजूद अवैध खनन का धंधा नहीं थम रहा है। डीएम अखिलेश सिंह ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस के बाद स्वयं भी स्टोन क्रेशरों पर जांच की। यही नहीं उसी रात एसडीएम व तहसीलदार का भी स्थानांतरण कर दिया गया। इस कार्रवाही को भी अवैध खनन से ही जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद माफिया अपना काम कर रहे हैं। इन हालात की पुष्टि गुरुवार की रात एसडीएम के साथ सीओ विजयपाल सिंह तथा एआरटीओ प्रवर्तन आरपी मिश्रा द्वारा बेहट व मिर्जापुर क्षेत्र में चलाए गए चेकिग अभियान में हुई। इस टीम ने चार ट्रक दिल्ली-यमनोत्री हाइवे पर कोतवाली बेहट के पास से ही पकड़े। जबकि एक ट्रक मिर्जापुर क्षेत्र के रायपुर मार्ग से पकड़ा गया। एसडीएम ने बताया कि यह सभी खनिज लदे वाहन ओवरलोड थे और इनमें से किसी के पास भी खनिज संबंधी कोई प्रपत्र नहीं था। उन्होंने बताया कि ओवरलोड में इन्हें सीज कर दिया गया है। साथ ही आगामी कार्यवाही के लिये खनन विभाग को सूचना दे दी गयी है। पकड़े गये ट्रकों के चालक हसीब पुत्र जुनैद निवासी हुजुरनगर मुजफ्फरनगर, कादिर पुत्र नासिर निवासी शामली, शाहनवाज पुत्र जमील निवासी बिलासपुर मुजफ्फरनगर, शौकीन पुत्र ताहिर निवासी गांव घान्नाखंडी कोतवाली देहात हैं, जबकि एक चालक फरार हो गया।

Posted By: Jagran

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