सहारनपुर, जेएनएन। देवबंद में

वर्ष 2008 में बेंगलुरु में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के वांछित गुलनवाज को एनआइए द्वारा दबोचने के बाद गांव फुलास अकबरपुर में कई तरह-तहर की चर्चाएं हैं।

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने दो दिन पूर्व केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था। यह दोनों वर्ष 2008 में बेंगलुरु में हुए बम धमाकों के मुख्य आरोपित हैं। इनमें से एक गुलनवाज, देवबंद के गांव फुलास अकबरपुर का रहने वाला है। ग्रामीणों के मुताबिक कामिल उर्फ वामिस का परिवार बेहद सामान्य है। उसके तीन पुत्रों में सबसे छोटा पुत्र गुलनवाज कुछ खास पढ़ा लिखा नहीं है। पिछले कुछ वर्षो के दौरान वह दो या तीन बार सऊदी अरब नौकरी की तलाश में गया, जहां उसे वेल्डिग का काम मिला। तीन वर्ष पूर्व जब वह पुन: सऊदी गया तो उसने वहां पर टैक्सी चालक का कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गुलनवाज के परिवार के पास थोड़ी बहुत जमीन है और गुलनवाज के दो अन्य भाई मेहनत मजदूरी कर घर चलाते हैं। गुलनवाज का अभी विवाह नहीं हुआ है।

गुलनवाज के पिता कामिल उर्फ वामिस ने बताया कि उन्हें गुलनवाज की गिरफ्तारी की खबर मीडिया से ही लगी है। उन्हें जानकारी है कि गुलनवाज सऊदी में टैक्सी चला रहा था। उसे वहां पर पैसों को बाहर भेजने के आरोप में सऊदी पुलिस द्वारा डेढ़ साल पहले गिरफ्तार किया गया था और अब सजा पूरी करने के बाद सऊदी सरकार ने उसे वापस यहां की पुलिस के हवाले कर दिया था। कहा कि उनके बेटे पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उनका बेटा आतंकी नहीं हो सकता।

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