सहारनपुर, जेएनएन। मौसम साफ होने के बावजूद जिले में सर्दी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह धूप खिलने से मौसम में सुधार तथा ठंड से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन लगातार चल रही तेज शीतलहर ने कपकंपी छुड़ाने में कसर नहीं छोड़ी।

गत दिवस की तरह ही शुक्रवार को भी सुबह से ही धूप खिलना शुरू हो गई थी। दिन चढ़ने के साथ ही धूप ने भी तेजी पकड़ी लेकिन 7 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही शीतलहर के कारण धूप पूरा असर दिखाने में नाकाफी साबित हो रही थी। लोग दिन में धूप सेंकते नजर आ रहे थे, लेकिन बेहद सर्द हवाएं कंपकपी छुड़ा रही थी। पूरे दिन सर्द हवाओं के कहर जारी रहा तथा शाम में बर्फीली हवाओं में और तेजी आने से लोग जल्दी बिस्तरों में सिमटने को मजबूर हो गए। उधर दिन व रात के तापमान में भारी अंतर दर्ज किया गया है तथा न्यूनतम तापमान करीब 4.0 डिग्री गिरा है जबकि अधिकतम तापमान में करीब 5.0 डिग्री की चढ़त दर्ज की गई है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मुजफ्फराबाद स्थित राजकीय मौसम वेधशाला प्रभारी उमेश कुमार अगले 48 घंटों के दौरान शीतलहर में तेजी आने तथा कहीं-कहीं बादल छाने के साथ ही सर्दी बढ़ने का अनुमान जता रहे हैं।

दिन ढलते ही सूने हुए बाजार

धूप खिलने के बाद जहां बाजारों में दिन भर लोगों की भीड़ रही तथा कई बाजारों में तो जाम की स्थिति बनी रही। वहीं बर्फीली हवाओं के कारण शाम ढ़लते ही सूने होने शुरू हो गए थे। कपड़ा मार्किट रायवाला, नया बाजार, मोरगंज, नेहरू मार्कीट, शहीदगंज, गौरी शंकर बाजार, प्रताप मार्कीट, लुहानी सराय, आदि में शाम में नामचारे की भीड़ रही। उधर, सरकारी विभागों में आम दिन की तरह लोगों की भीड़ रही लेकिन अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी धूप सेंकते नजर आ रहे थे। हाईवे व मुख्य मार्गों पर वाहनों की भीड़ रहने के कारण प्रमुख चौराहों पर जाम लगा रहा।

पाले का दिखा असर

शुक्रवार सुबह पाले का असर दिखाई दिया। शुक्रवार को ही सुबह के समय निकली धूप ने राहत दी, लेकिन तेज हवा ने इसके असर को कम करने का प्रयास किया। किसानों का कहना है कि पाले से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा।

महंगी: किसानों का कहना था कि सभी फसलों में बारिश की अभी तक नमी है, जो सूर्य निकलने व तेज हवाओं के कारण नमी दूर होती जा रही है। जो फसलों के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही हैं, पशुपालकों को भी राहत मिली।

Edited By: Jagran