सहारनपुर, जेएनएन। गंगोह में सोमवार को जमीयत-ए-उलेमा हिंद के राष्ट्रीय महासचिव सैयद महमूद असद मदनी ने कहा कि सरकार को सीएए और एनआरसी को वापस लेना पड़ेगा। यहां ईदगाह मैदान पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान वह बोल रहे थे। वहां पर मौजूद लोगों का कहना था कि सरकार जब तक इस कानून वापस नहीं ले लेती, तब तक धरना जारी रहेगा।

कानून को थोप रही सरकार

धरने को संबोधित करते हुए मदनी ने कहा कि हजरत रशीद अहमद गंगोही की इस सरजमीं से आजादी की लड़ाई भी लड़ी गई थी, जिसमें मुसलमानों ने भी आगे बढ़ कर कुर्बानियां दी थी। आजादी के किसी भी दीवाने ने गोली पीठ पर नहीं खाई और सीना आगे कर दिया। सरकार लगातार मनमर्जी के कानून थोपना चाहती है जिसे देश का कोई भी नागरिक बर्दाश्त नहीं करेगा।

काली पट्टी बांधकर पहुंचे

कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित धरने पर अन्य वक्ताओं ने भी सीएए का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। सुबह से ही लोग ईदगाह पर जुलूस के रूप में पहुंचना शुरू हो गए थे। तिरंगा हाथ में लेकर और विरोध स्वरूप हाथों पर काली पट्टी बांध कर आए लोगों ने सीएए के विरोध में नारे लिखी तख्तियां उठा रखी थी। इन लोगों ने इस कानून की समाप्ति तक विरोध जारी रखने का संकल्प लिया। सुरक्षा के लिए धरना स्‍थल पर भारी संख्‍या में पुलिसबल भी तैनात रहा। धरना प्रदर्शन दोपहर बाद तक जारी रहा।  

Posted By: Prem Bhatt

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