12 हजार करोड़ के दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर सफर आसान, लेकिन सुविधाओं का टोटा, रेस्ट एरिया की भूमि अभी वीरान
Delhi-Dehradun Economic Corridor: दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर के उद्घाटन के छह महीने बाद भी सहारनपुर में प्रस्तावित रेस्ट एरिया और बहुउद्देशीय हब का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।

देहरादून इकाेनामिक काॅरीडार पर थापुल इस्माइलपुर में रेस्ट एरिया के लिए खाली पड़ी जमीन। जागरण
HighLights
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल को किया था काॅरीडोर का लोकार्पण।
छह माह बाद भी शुरू नहीं हुआ बिहारीगढ़ रेस्ट एरिया में निर्माण।
संवाद सूत्र, छुटमलपुर (सहारनपुर)। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर के लोकार्पण के छह महीने बाद भी यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्तावित रेस्ट एरिया और बहुउद्देशीय हब का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
गांव थापुल इस्माइलपुर और मनोहरपुर में काॅरीडोर के दोनों ओर करीब चार हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित है। रेस्ट एरिया सुलभ कराने वाले विभाग एनएचएलएमएल का दावा है कि नवंबर के प्रथम सप्ताह में निर्माण शुरू करा दिया जाएगा और दो महीने के भीतर यात्रियों को रेस्ट एरिया में जन सुविधाएं सुलभ करा दी जाएंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरीडोर का उद्घाटन किया था। 211 किमी लंबे काॅरीडोर का निर्माण लगभग 12 हजार करोड़ की लागत से हुआ है। बिहारीगढ़ के नजदीक थापुल इस्माइलपुर और मनोहरपुर में रेस्ट एरिया के लिए दो-दो हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।
एक रेस्ट एरिया की जमीन पर उद्घाघाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा भी हुई थी। कॉरीडोर पर यातायात शुरू होने के छह महीने बाद भी यहां रेस्ट एरिया का निर्माण नही हो सका है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के स्वामित्व वाली कंपनी नेशनल हाइवेज लाजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) द्वारा अधिग्रहित भूमि निजी कंपनी को लीज पर उपलब्ध कराकर यात्रियों के लिए बेसिक जनसुविधाओं में टायलेट, पेयजल, स्नानगृह व आरामगृह की सुविधा निश्शुल्क उपलब्ध कराई जानी है, जबकि कंपनी द्वारा अपने खर्च आदि निकालने के लिए पेट्रोल पंप, होटल-रेस्टोरेंट, शापिंग माल, जनसुविधा केंद्र, इलेक्ट्रिक व्हीकल, चार्जिंग स्टेशन और मैकेनिक आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। काॅरीडोर से परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाएगी।
एनएचएलएमएल के एक अधिकारी ने बताया कि रेस्ट एरिया का निर्माण नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू करा दिया जाएगा। निर्माण के दो महीने के भीतर जरूरी जनसुविधाएं यात्रियों को सुलभ कराने के पूरे प्रयास रहेंगे।
जिले में 80 किमी में है काॅरीडोर का क्षेत्र
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर की लंबाई करीब 211 किलोमीटर है। लगभग 80 किलोमीटर हिस्सा सहारनपुर जिले से गुजरता है। यह जड़ौदा पांडा से शुरू होकर डाटकाली मंदिर तक जाता है, इसमें करीब 68 किलोमीटर राजमार्ग और 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड शामिल है। बड़गांव के निकट बडूली में दो रेस्ट एरिया शुरू हो चुके है।
