MP चंद्रशेखर ने सदन में उठाया स्मार्ट मीटर से परेशानी का मुद्दा, बोले- करोड़ों गरीबों के लिए पहले रिचार्ज कराना मुश्किल
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने संसद में स्मार्ट विद्युत मीटरों से आम जनता, खासकर दिहाड़ी मजदूरों को हो रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने रिचार्ज संबंधी दिक्कतों पर सवाल उठाए।

HighLights
कहा-देश में करोड़ों लोग हैं दिहाड़ी मजूदर ।
गरीबों के घर अंधेरा होने पर कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई।
संवाद सहयोगी, धामपुर (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट विद्युत मीटर को लेकर संसद में नगीना सांसद चंद्रशेखर ने इस मुद्दे को उठाया। इससे आम जनता, विशेष रूप से दिहाड़ी मजदूरों, गरीब परिवारों आदि को हो रही समस्याओं को सदन के सामने रखा।
इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि व जिला पंचायत सदस्य विवेक सेन ने बताया कि सांसद चंद्रशेख ने स्मार्ट मीटरों के रिचार्ज को लेकर आ रही समस्या के लिए सदन में सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जहां प्राइवेट कंपनियां पहले इस्तेमाल करो, फिर विश्वास करो.. की बात करती हैं, वहीं वर्तमान व्यवस्था में गरीबों के सामने पहले बिल भरो, फिर बिजली... जैसी स्थिति बन गई है।
सांसद ने कहा कि देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो रोजाना मेहनत करके दिहाड़ी कमाते हैं। कई बार उन्हें लगातार कई दिनों तक काम नहीं मिलता, जिससे उनकी आमदनी रुक जाती है। ऐसी स्थिति में यदि वे समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते हैं, तो उनकी बिजली आपूर्ति काट दी जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब घर में अंधेरा होगा तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी, परिवार का दैनिक जीवन कैसे चलेगा और छोटे-छोटे काम कैसे पूरे होंगे। गरीब लोग पूरे महीने कमाने के बाद में बिल जमा करते थे, लेकिन अब वह पहले से रिचार्ज कैसे कराएंगे। हालांकि सांसद सवाल पर ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सदन में स्पष्ट किया कि देश में कहीं भी स्मार्ट मीटर जबरन नहीं लगाए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक व्यवस्था और उपभोक्ता की इच्छा पर आधारित है।
