सहारनपुर :सहारनपुर नगर निगम बोर्ड कार्यसमिति की बैठक में निगम अधिकारियों पर उपेक्षा करने तथा सदस्यों तक को सही सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराये जाने के आरोप लगा हंगामा हुआ। बाद में सदस्यों की मांग पर कई कमेटियों का गठन किया गया। साथ ही पूर्व बैठक पारित प्रस्ताव की पुष्टि के अलावा एक को छोड़ बाकि करोड़ों के विकास कार्यों के प्रस्तावों पर स्वीकृति की मोहर लगा दी गई।

कार्यसमिति की बैठक बुधवार को मेयर कार्यालय में आहूत की गई थी। बैठक में तमाम सदस्य समय से पहले ही पहुंच गए थे। बैठक की शुरूआत में ही हंगामा उस समय हुआ जब कई बार मांग करने के बावजूद आवारा व गंदगी में रहने वाले पशुओं के लिए कांजी हाउस का निर्माण नहीं किए जाने का विरोध पार्षद मंसूर बदर ने किया। मेयर ने इसको गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्य कमेटी का गठन किया गया। यही नहीं हाउस टैक्स संबंधी सूचना मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराये जाने के अलावा पॉलीथिन प्रकरण पर कार्रवाई अटकाये रखने के खुले आरोप लगाए गए। इस पर मेयर ने टैक्स के दायरे से बाहर कमर्शियल भवनों व इंडस्ट्रीयल ऐरियों को कर निर्धारण व टैक्स व्यवस्था के लिए दो कमेटियों का गठन किया। यह कमेटी गरीबों पर टैक्स की मार कम करने के लिए विशेष कदम उठायेंगी।

बैठक में कुल 8 प्रस्ताव व 39 उप प्रस्ताव रखे जाने के अलावा वाटर टैक्स संबंधी प्रस्ताव संख्या 86 अनुपूरक एजेंडे में शामिल किया गया। जिसे स्थगित कर दिया गया। प्रस्ताव संख्या-78 में जहां पूर्व में हुई कार्यसमिति की बैठक में रखे गए प्रस्ताव की पुष्टी थीतथा 79 से लेकर 85 तक के प्रस्ताव में विकास व मरम्मत आदि कार्यों के थे।यही नहीं प्रस्ताव संख्या 81 में पांच उप प्रस्ताव है जिसके तहत अनेक क्षेत्रों में सड़क नालियों का निर्माण कराया जाना है। चौकी सराय निर्माण, के अलावा नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी योजना के अंतर्गत 34 उप प्रस्ताव रखे गए है जिनकों समिति द्वारा सर्व सम्मति से पारित कर दिया गया है। नगर आयुक्त ज्ञानेन्द्र ¨सह ने बताया कि कार्यसमिति बैठक में रखे प्रस्तावों में से एक को छोड़कर सभी को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस दौरान मेयर संजीव वालिया, महाप्रबंधक जल एएन श्रीवास्तव, चीफ इंजीनियर जितेन्द्र केन, कर अधीक्षक विनय शर्मा सहित निगम के तमाम अधिकारियों के अलावा समिति सदस्य मौजूद रहे।

Posted By: Jagran