यूपी के स्कूलों में बदलेगा सुबह की प्रार्थना का सुर-ताल, अब मोबाइल और स्मार्ट स्क्रीन पर बजेंगी 12 खास प्रार्थनाएं
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अब सुबह की प्रार्थना सभा डिजिटल माध्यम से होगी। राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान ने 12 ...और पढ़ें

कंपोजिट विद्यालय घाटमपुर में प्रार्थना सभा में खड़े बच्चे। सौ. इंटरनेट मीडिया
HighLights
मोबाइल से भी सुन सकेंगे विद्यार्थी, विभाग के डिजिटल मंचों पर मिलेगी सामग्री
राधेश्याम, रामपुर। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा अब नए सुर-ताल से सजेगी। राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान ने विद्यार्थियों के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं के संगीतबद्ध वीडियो तैयार की हैं। जल्द ही विद्यालय इन्हें नियमित प्रार्थना सभा में उपयोग कर सकेंगे।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए 12 चयनित प्रार्थनाओं को बेहतर गायन, संगीत संयोजन और दृश्य प्रस्तुति के साथ वीडियो रूप दिया गया है।
इन्हें विभाग और संस्थान के डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराया जाएगा। यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत अन्य डिजिटल माध्यमों पर वीडियो जारी होने के बाद शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार इनका उपयोग कर सकेंगे।

मोबाइल, कंप्यूटर या स्मार्ट स्क्रीन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रार्थनाएं सुनाई और दिखाई जा सकेंगी। इससे विद्यालयों को प्रार्थना सभा के लिए अलग से संगीत या प्रस्तुति तैयार कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
साथ ही विद्यार्थियों को नियमित रूप से सामूहिक गायन और गुणवत्तापूर्ण प्रस्तुति का अवसर मिलेगा। जिला विधालय निरीक्षक अंजलि अग्रवाल ने बताया कि संगीत और सामूहिक प्रार्थना विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक वातावरण विकसित करने में सहायक होती है। जल्द ही विद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार एसआईईटी की डिजिटल सामग्री का उपयोग कर सकेंगे।
प्रार्थना सभा में दिखेगा नया अंदाज
संगीतबद्ध वीडियो उपलब्ध होने से विद्यालयों को प्रार्थना सभा के लिए तैयार सामग्री मिल जाएगी। सामूहिक गायन, बेहतर संगीत संयोजन और दृश्य प्रस्तुति से सुबह की सभा अधिक प्रभावी और आकर्षक बनेगी।
मोबाइल से भी सुनाई जा सकेंगी प्रार्थनाएं
डिजिटल मंचों पर वीडियो उपलब्ध होने के बाद शिक्षक मोबाइल फोन के माध्यम से भी विद्यार्थियों को प्रार्थनाएं सुना और दिखा सकेंगे। इससे विद्यालयों में प्रार्थना सभा के लिए सुर-ताल का इंतजाम आसान हो जाएगा।
