यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गन्ना लदे वाहनों से टांडा-बाजपुर तिराहे पर रहा ढाई घंटे जाम
रामपुर दढियाल में गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों से टांडा-बाजपुर मार्ग पर जाम लग गया। ढाई घंटे जाम लगने से ...और पढ़ें

रामपुर: दढियाल में गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों से टांडा-बाजपुर मार्ग पर जाम लग गया। ढाई घंटे जाम लगने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उत्तराखंड जाने वाली स्कूली बसें भी जाम में फंसी रहने से बच्चों को भी परेशानी हुई।
किसान अब गन्ने की फसल काटकर उसमें अन्य फसल बौने की तैयारी कर रहे हैं। किसान अपना गन्ना कस्बे में बेच रहे हैं। यहां चीनी मिल के साथ ही बड़ी संख्या में कोल्हू भी हैं। किसान गन्ना बेचने सुबह चार बजे से ही दढियाल की ओर निकल पड़ते हैं। त्रिवेणी मिल में भी पेराई कार्य शुरू हो गया है। मिल से मिलने वाली पर्ची से आपूर्ति के लिए किसान अपने वाहनों में गन्ना लाते हैं। गन्ना खरीद फरोख्त को लेकर कुछ बिचौलिया भी सक्रिय हो गए।
बुधवार की सुबह टांडा-बाजपुर मार्ग तिराहे पर जाम लग गया। गन्ना बेचने के लिए गन्ना किसानों ने अपने ट्रैक्टर ट्राली एवं बैलगाड़ियों को मार्ग के दोनों साइडों में लगा दिया, जिसके कारण सुबह धीरे धीरे उनकी संख्या बढ़ने लगी। गन्ना बेचने और खरीदने के बाद उसको तुलवाने के लिए सड़क के दोनों तरफ धर्म कांटे लगे हैं। किसानों ने वहां वाहनों की तौल कराने के लिए बेतरतीब खड़ा कर दिया, जिससे जाम लग गया । वाहनों की कतार इतनी लंबी हो गई कि वह कोसी नदी पुल तक पहुंच गई। दूसरी ओर हनुमान मंदिर फत्तावाला तक पहुंच गया, जिसमें उत्तराखंड के काशीपुर व बाजपुर स्कूलों को जाने वाली बसें भी फंस गई। तिराहे पर दो पीआरडी जवान तथा एक होमगार्ड के साथ पुलिस कर्मी भी ड्यूटी रहती हैं। बुधवार की सुबह पीआरडी व होमगार्ड के जवान नदारद थे। सूचना के बाद भी कोई पुलिसकर्मी जाम खुलवाने नहीं पहुंचा। सुबह पांच बजे से साढ़े सात बजे तक मुख्य मार्ग पर जाम लगा रहा। इस दौरान वाहन चालकों में वाहनों को बचाने को लेकर कई बार कहासुनी भी हुई। कई बार झगड़े की स्थिति पैदा होने पर अन्य राहगीरों ने हस्तक्षेप कर शांत कराया। इसके बाद जाम खुलने पर वाहनों का रेंगना शुरू हुआ। इसके बाद कुछ राहत की सांस ली गई। आठ बजे बाद यातायात सामान्य हो गया।
