जागरण संवाददाता, रामपुर : सरकारी योजनाओं के तहत दिए जाने वाले आवासों के बदले गरीबों से रुपये की मांग की जा रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आने पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामला प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा है। नगर विकास अभिकरण के शहर मिथक प्रबंधक यासीन खां की ओर से कराई रिपोर्ट में कहा है कि भारत सरकार गरीबों को आवास की सुविधा दे रही है। इसके लिए भारत सरकार की साइट पर पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन भी डूडा, नगर पालिका और तहसील में जमा किया जा सकता है। आवेदन के बाद सर्वे का काम शुरू होता है। जनपद में आरइपीएल एजेंसी आवासों के सर्वे का काम कर रही है। एजेंसी ने कई कर्मचारी भी लगा रखे हैं। कंपनी सर्वे कर आवासों की संस्तुति करती है, जिसके लिए पैसे लेने की शिकायतें मिल रही थीं। ज्वालानगर निवासी रजनी पत्नी वेदप्रकाश ने भी आवास के लिए आवेदन किया था। रजनी से आवास की स्वीकृति के लिए 20 हजार की मांग की गई। रुपये न देने पर आवास किसी अन्य को देने की धमकी दी। महिला ने इसकी शिकायत की थी। तब उन्होंने कंपनी के सर्वेयर के खिलाफ सिविल लाइंस में तहरीर दी।

सिविल लाइंस कोतवाल राधेश्याम ने बताया कि आरइपीएल एजेंसी के सर्वेयर अनुज सक्सेना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

Posted By: Jagran

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