रामपुर (जेएनएन)। मौलाना मुहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को सपा नेता आजम खां के मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को लीज पर दिए जाने के मामले में एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में एसआइटी जांच अधिकारी व पुलिस उपाधीक्षक हौसला प्रसाद ने शिकायतकर्ता पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के बेटे मुस्तफा हुसैन को बयान दर्ज करवाने के लिए लखनऊ बुलाया है। 

मुस्तफा हुसैन ने प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि रामपुर में जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को सपा शासनकाल में नियमों के खिलाफ आजम के ट्रस्ट को लीज पर दे दिया गया था। तब आजम मंत्री थे। राज्यमंत्री की संस्तुति पर शासन ने एसआइटी जांच के आदेश दिए थे। विशेष अनुसंधान दल एसआइटी उत्तर प्रदेश लखनऊ के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक हौसला प्रसाद ने मुस्तफा हुसैन को पत्र लिखकर उपरोक्त मामले में बयान दर्ज करवाने के लिए मुख्यालय बुलाया है। साथ ही अन्य शिकायतकर्ताओं को भी बयान दर्ज करवाने के लिए कहा है।

यह था मामला

शोध संस्थान की स्थापना वर्ष 2005-06 में की गई थी। एक अगस्त 2006 से सरकार ने 15 पद भी सृजित किए, लेकिन शासन को गुमराह कर शासनादेश व नियमों का उल्लंघन करते हुए उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग द्वारा अपने ही विभाग के तत्कालीन मंत्री आजम को लाभ पहुंचाने की ²ष्टि से उनके निजी ट्रस्ट को लीज डीड पर 100 रुपये प्रति साल किराए पर दे दिया गया। लीज डीड के पैरा नंबर 9 के अनुसार शोध संस्थान की भूमि व भवन के मूल स्वरूप में किसी प्रकार का परिवर्तन न करने का जिक्र किया गया था, लेकिन आजम ने संस्थान पर निजी रामपुर पब्लिक स्कूल खोलकर संचालित कर लिया। 

Posted By: Nawal Mishra