अमरोहा। रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर वर्ष 2007 में हुए आतंकी हमले के दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद शहीद आनंद कुमार की बुजुर्ग मां हीरावती ने कहा कि मेरे बेटे के कातिल अब फांसी पर कब लटकेंगे। शहीद के दोनों भाइयों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया। कहा, इस फैसले से देश के दुश्मनों को सबक मिलेगा। 

31 दिसंबर 2007 की रात को रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले में अमरोहा जनपद के नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव देहरा निवासी जवान आनंद कुमार भी शहीद हो गए थे। आनंद कुमार के बड़े भाई जितेंद्र ङ्क्षसह भी वहीं पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती भी रामपुर में ही है। जवान बेटे की शहादत के बाद परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट गया था। परिवार में पत्नी के अलावा पिता कमल ङ्क्षसह, मां हीरावती, बड़े भाई जितेंद्र ङ्क्षसह व छोटा भाई बिट्टू हैं। बेटे की शहादत के बाद पिता कमल ङ्क्षसह सदमे के चलते डेढ़ साल बाद स्वर्गवासी हो गए थे। शुक्रवार को भी परिजनों की नजर अदालत की सुनवाई पर टिकी रही थी। शनिवार को अदालत का फैसला आने के बाद शहीद की मां को उनके छोटे बेटे बिट्टू ने बताया कि आतंकियों को फांसी व उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस बारे में वृद्धा हीरावती ने कहा कि अदालत ने सजा सुना दी है, लेकिन मेरे बेटे के कातिलों को फांसी कब मिलेगी? अब उन्हें फांसी के फंदे पर और लटका दिया जाए तो ठीक रहेगा। 

शहीद के बड़े भाई सीआरपीएफ के जवान जितेंद्र ङ्क्षसह ने कहा कि अदालत का फैसला स्वागत योग्य है। इस फैसले से देश के दुश्मनों को सबक मिलेगा। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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