जागरण संवाददाता, शाहबाद : रत्न ग्राम्य विकास समिति अभी तक नशा मुक्ति केंद्र चलाकर नशेड़ियों का इलाज कर उन्हें समाज में मुख्य धारा से जोड़ने का काम करती है। अब समिति ने पांच टीबी के रोगियों को गोद लेकर उनकी देखभाल का जिम्मा उठाया है। उनका यह कदम उन्हें एक बार फिर चर्चा में ले आया है।

रत्न ग्राम्य विकास समिति द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र का नाम प्रदेश में काफी चर्चित है। समिति अब तक निश्शुल्क करीब पांच हजार नशे के मरीजों का नशा छुड़ाकर उन मरीजों को समाज में मुख्य धारा से जोड़ने का काम काफी चर्चा में रहता है। अब समिति ने टीबी के पांच मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल का जिम्मा उठाया है। समिति इन मरीजों की देखभाल, पौष्टिक खानपान एवं दवाइयों का ध्यान रखेगी। संस्था सचिव हरज्ञान सिंह यादव ने बताया कि अभी उन्होंने पांच टीबी मरीजों को गोद लिया है। संस्था के काउंसलर घर-घर जाकर मरीजों से उनके बारे में जानकारी रखेंगे, जिससे मरीजों को कोई परेशानी न हो। आने वाले समय में मरीजों की संख्या को बढ़ाने पर भी संस्था विचार करेगी। इस दौरान गोद लिए मरीजों को पौष्टिक आहार वितरित किया। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर बी लाल, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. देवेन्द्र सिंह, डॉ. सजिया खानम एवं संस्था के कर्मचारी मौजूद रहे।

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