सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग में रामपुर पुलिस और प्रशासन यूपी में अव्वल, नियमित निगरानी का दिखा असर
रामपुर जिले ने जनवरी 2026 की आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी ...और पढ़ें

HighLights
रामपुर ने जनवरी 2026 आईजीआरएस रैंकिंग में प्रथम स्थान पाया।
जिलाधिकारी की निगरानी से प्रशासन ने 140 में से 140 अंक प्राप्त किए।
पुलिस ने सीएम डैशबोर्ड में 18वीं बार शीर्ष स्थान हासिल किया।
जागरण संवाददाता, रामपुर। आईजीआरएस (जनसुनवाई पोर्टल) की जनवरी-2026 की मासिक रैंकिंग में रामपुर ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी की नियमित निगरानी से जिले को यह सफलता मिल पाई।
रामपुर ने निर्धारित सभी मानकों पर 140 में से 140 अंक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। पिछले वर्ष अक्टूबर में जब डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने कार्यभार ग्रहण किया था तो जिले की आइजीआरएस में रैंकिंग 50वें पायदान से भी ऊपर था।
इसके बाद डीएम ने ''थर्ड लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम'' लागू किया। इसके लिए एक विशेष आईजीआरएस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया किसी भी शिकायत के निस्तारण के अगले 24 घंटे के भीतर कंट्रोल रूम से शिकायतकर्ता को फोन कर उसका फीडबैक लिया गया।
यदि शिकायतकर्ता समाधान से असंतुष्ट होता है, तो अगले 24 घंटे के भीतर उसकी बात संबंधित विभाग के मुख्य अधिकारी से कराई गई। इसके बावजूद शिकायत का जहां भी गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ वहां के एसडीएम को रात दस बजे डीएम ने तलब करना शुरू कर दिया।
इससे तहसील स्तर के अधिकारी भी निस्तारण को लेकर सजग हो गए। मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने बताया कि नियमित मॉनिटरिंग और सुदृढ़ विभागीय समन्वय के कारण ही रामपुर सौ प्रतिशत अंक पाने में सफल रहा।
शासन की मंशानुरूप कोई भी फरियादी निराश न लौटे। हमारा लक्ष्य केवल शिकायत की फाइल बंद करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता के चेहरे पर मुस्कान लाना है। प्रथम रैंक आना गौरव की बात है, लेकिन अब चुनौती इस स्थान को बरकरार रखने की है। -अजय कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी
शिकायत निस्तारण में रुचि लेकर पुलिस ने 18वीं बार रचा इतिहास
जागरण संवाददाता, रामपुर: बेहतर कानून व्यवस्था और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के भरोसे जिला पुलिस ने सीएम डैश बोर्ड के शिखर पर कायम रहने का इतिहास रच दिया। सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में रामपुर 86.70 प्रतिशत अंक प्राप्त जनवरी में प्रथम स्थान हासिल किया। इस अनूठी उपलब्धि के लिए उच्चाधिकारियों ने भी एसपी विद्या सागर मिश्र को बधाई दी है।
जुलाई 2024 से अब तक जनपद रामपुर सीएम डैशबोर्ड रैंकिग में 18 बार प्रथम स्थान पर कायम रहा। सिर्फ जून 2025 में जिला द्वितीय स्थान पर रहा । सीएम डैशबोर्ड में 50 बिन्दुओं पर कार्रवाई के माध्यम से जनपदों की रैंकिंग तय की जाती है।
इनमें प्रमुख रूप से अनुसूचित जाति व जनजाति के अपराध (गम्भीर चोट), अनुसूचित जाति व जनजाति के अपराध (बलात्कार), अनुसूचित जाति व जनजाति के अपराध (कुल अपराध), अनुसूचित जाति व जनजाति के अपराध (हत्या), आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई, गिरोहबन्द अधिनियम के अर्न्तगत कार्रवाई, एनडीपीएस अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई, गैंगस्टर अधिनियम की लम्बित विवेचना, गुण्डा अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई, गिरफ्तारी / आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी / आत्मसमर्पण गैंगस्टर अधिनियम, गिरफ्तारी / आत्मसमर्पण-जघन्य अपराध जैसे 50 बिंदुओं पर की गई कार्रवाई का आंकलन शामिल है।
आइजीआरएस रैंकिंग में भी पुलिस प्रदेश में अव्वल
रामपुर: आइजीआरएस रैंकिंग में भी जिला पुलिस प्रदेश में अव्वल रही। आइजीआरएस कार्यालय द्वारा जनशिकायतों का निस्तारण उच्च स्तर पर किया जा रहा है। उक्त के फलस्वरूप माह जनवरी–2026 में शासन स्तर पर की गई समीक्षा (मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट) में जनपद रामपुर ने आइजीआरएस से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में सम्पूर्ण प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को जनपदीय पुलिस द्वारा पूर्ण संवेदनशीलता के साथ सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा उनका गुणवत्तापरक निस्तारण किया गया। पुलिस अधीक्षक ने आइजीआरएस शाखा में नियुक्त पुलिस कर्मियों को उत्साहवर्धन के लिए नकद धनराशि के पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। इनमें आइजीआरएस प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक सतराज सिंह, बालेन्द्र भूषण, संजीव कुमार, मुख्य आरक्षी सुनील कुमार, नईम अहमद, सुभाषिनी, पूजा गुप्ता शामिल हैं।
समस्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। निस्तारित शिकायतों की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिससे भविष्य में सेवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। -विद्या सागर मिश्र, पुलिस अधीक्षक
