पंचायत चुनाव के आदेश से बढ़ी रामपुर में सियासी हलचल, तैयारी में जुटे राजनीतिक दल
हाईकोर्ट के पंचायत चुनाव तीन माह में कराने के आदेश के बाद रामपुर में सियासी हलचल तेज हो गई है। ...और पढ़ें

HighLights
हाईकोर्ट के आदेश से रामपुर में पंचायत चुनाव की हलचल।
राजनीतिक दल विधानसभा से पंचायत चुनावों पर केंद्रित।
बसपा और कांग्रेस सहित सभी दल तैयारी में जुटे।
जागरण संवाददाता, रामपुर। पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। प्रदेश सरकार को तीन माह के भीतर पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए जाने के बाद राजनीतिक दलों ने भी अपनी गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
अब तक विधानसभा चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए सियासी दलों का ज्यादा जोर उसी की तैयारियों पर था, लेकिन पंचायत चुनाव की समय सीमा को लेकर आए आदेश ने गांवों की राजनीति को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पंचायत निर्वाचन कार्यालय के सहायक अधिकारी एके सिंह ने बताया कि चुनाव की तैयारी पहले से हैं।
जिले में पंचायत चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोग अपने समीकरणों को परखने में जुट सकते हैं। गांवों में पिछले चुनाव के परिणाम, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं के रुझान को लेकर भी चर्चा तेज होने की संभावना है।
रामपुर जिले पर एक नजर
- 1343545 कुल मतदाता जिले में
- 716795 पुरुष मतदाता
- 626750 महिला वोटर
- 897 मतदान केंद्र हैं जिले में
- 2132 मतदेय स्थल
- 680 ग्राम पंचायतें
- 8504 ग्राम पंचायतों के वार्ड
- 6 विकास खंड
- 34 जिला पंचायत के वार्ड
- 859 क्षेत्र पंचायत वार्ड
चुनावी तैयारियों में जुटे राजनीतिक दल
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी ने बताया कि पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता चुनावों को लेकर ही सक्रियता बनाए हुए हैं। संगठन को मजबूत करने के साथ बूथ स्तर भी काम चल रहा है। अब कैडर कैंप पर कार्य चल रहा है। विधान सभा क्षेत्रों में सेक्टर बनाए जा रहे हैं। अब तक 201 सेक्टर बनाए जा चुके हैं।
उधर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा उर्फ निक्कू पंडित ने पंचायत चुनाव तीन में कराए जाने पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनाव होते हैं तो उनके संगठन की पूरी तैयारी है। कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मीटिंगों का दौर पहले से चल रहा है। कमोवेश यही स्थिति अन्य दलों की भी है।
अब तक प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विधानसभा चुनाव की तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही थी। पंचायत चुनाव के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनावी गतिविधियों की दिशा में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, जिले में पंचायत चुनाव की तारीखों और विस्तृत कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
