रामपुर के 'कोयला ढाबा' पर अचानक पहुंची टीम, किचन का नजारा देख उड़े होश; मालिक पर FIR
रामपुर में नैनीताल हाईवे स्थित कोयला ढाबे पर पूर्ति विभाग ने छापा मारा। अवैध रूप से भंडारित 13 व्यावसायिक गैस ...और पढ़ें

गैस की कालाबाजारी को लेकर बिलासपुर रोड स्थित ढाबे पर छापेमारी के दौरान बरामद सिलिंडर। जागरण
HighLights
गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ चला अभियान
ढाबा मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम में प्राथमिकी
जागरण संवाददाता, रामपुर। गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए डीएम के निर्देश पर पूर्ति विभाग की ओर से चलाए अभियान में दूसरे दिन शुक्रवार को भी सफलता मिली। पूर्ति विभाग की टीम ने नैनीताल हाईवे पर चाकू चौराहे के निकट स्थित कोयला ढाबे पर छापा मारा, जहां अवैध रूप से भंडारण किए 13 व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस सिलिंडर मिले। इनमें नौ सिलिंडर 19 किलोग्राम वाले थे, जबकि चार सिलिंडर पांच किलोग्राम वाले थे।
सिलिंडर के संबंध में वैध कनेक्शन या अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर पूर्ति विभाग की ओर से गंज कोतवाली में ढाबा मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पार्टनरशिप में कुछ लोग ढाबा चला रहे हैं। ढाबा का करीब दो माह पहले ही शुरू किया गया था।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी का संकट है। रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित है। इसका फायदा कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। गुरुवार को पूर्ति विभाग ने भोट गांव में एक घर में छापा मारकर करीब डेढ़ दर्जन गैस सिलिंडर बरामद किए थे।
मामले में गांव निवासी जीवन चंद्र भट्ट और उसके भाई प्रकाश चंद्र भट्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को टीम ने भोट से पहले चाकू चौराहा के पास कोयला ढाबे पर छापा मारा। जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अजीत कुमार, विनोद कुमार विश्वकर्मा, पूर्ति निरीक्षक चुन्नीलाल और फरीन जहां की टीम ने कार्रवाई की।
टीम को ढाबे के किचन में 13 व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिले। इनमें नौ बड़े और चार छोटे सिलिंडर रखे थे। जांच में पाया गया कि भारत गैस के कुछ सिलिंडर भरे हुए व सीलबंद थे, जबकि इंडेन और एचपी गैस के कई सिलिंडर खाली थे। टीम ने कर्मचारियों से ढाबा मालिक की जानकारी ली तो पता चला कि इसे पार्टनरशिप में चलाया जा रहा है। कोई भी पार्टनर वहां मौजूद नहीं था।
ढाबे के सुपरवाइजर लईक हसन मौजूद थे। उनसे सिलिंडर के संबंध में कनेक्शन की जानकारी ली तो वह कोई अभिलेख नहीं दिखा सके। बिना वैध कनेक्शन के गैस विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त की जाती है। इस पर टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सिलिंडर जब्त कर लिए और ढाबे के निकट स्थित शमीम इंडेन ग्रामीण वितरक एजेंसी आंगा की सुपुर्दगी में दे दिए।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि ढाबा संचालकों द्वारा अवैध रूप से गैस का भंडारण एवं दुरुपयोग किया जा रहा था, जो द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण का विनियमन) आदेश-2000 (संशोधित) का उल्लंघन है तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 (आवश्यक वस्तु अधिनियम) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
इस पर ढाबा मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि गैस की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। खासकर ढाबा, रेस्टोरेंट और होटल संचालकों से अपील है कि वे व्यावसायिक गैस सिलिंडर में घरेलू गैस रिफिल कराकर उपयोग न करें। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
