विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रामपुर में बंदरों का आतंक, वन विभाग सुस्त तो लोगों ने निकाला अनोखा तरीका; दीवारों पर लगाए लंगूर के फोटो

Published: Sat, 24 Oct 2026 05:23 PM (IST)

रामपुर में बंदरों का आतंक जारी है, जिससे लोग परेशान हैं। वन विभाग की सुस्ती के कारण लोग खुद ही ...और पढ़ें

जिला पंचायत परिसर में बंदरों को भगाने के लिए लगाए गए लंगूर के पोस्टर। जागरण

जिला पंचायत परिसर में बंदरों को भगाने के लिए लगाए गए लंगूर के पोस्टर। जागरण 

HighLights

  1. शासन के आदेश और विभागीय योजनाओं के बावजूद नहीं मिल रही राहत

जागरण संवाददाता, रामपुर। शासन भले ही बार-बार बंदरों की समस्या के निस्तारण को आदेश जारी कर रहा हो लेकिन जिले में बंदरों को पकड़ने की मुहिम तेजी नहीं पकड़ पा रही है। आदेश जारी होने और जिले में जिम्मेदारी तय किए जाने के बावजूद धरातल पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। नतीजा यह है कि शहर से लेकर कस्बों तक बंदरों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

घरों, सरकारी कार्यालयों और अन्य परिसरों में बंदरों की आवाजाही से लोग परेशान हैं। वहीं, जिम्मेदार विभाग की सुस्ती के चलते लोगों को खुद ही बचाव के उपाय तलाशने पड़ रहे हैं।

बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए हाल में उन्हें पकड़ने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई है। नगर निकायों को इस काम में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

23RPM_M_31_23102026_341

इसके बावजूद मुहिम अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। शासन से आदेश आने के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी है। वन विभाग की ओर से प्रभावी पहल नहीं होने के कारण बंदरों की समस्या जस की तस बनी हुई है।

विभाग के अधिकारी फिलहाल कोई आदेश नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। एसडीओ ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि आदेश प्राप्त होने पर योजनाबद्ध तरीके से उसका पालन कराया जाएगा।

इसी के चलते बंदरों का आतंक शहर से लेकर गांवों तक में समस्या बना हुआ है। कहीं बंदर किसी पर हमला कर रहे हैं तो कहीं किसी का सामान झपट कर भाग रहे हैं तो कहीं घरों व खेतों में सामान व फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बंदरों का आतंक की समस्या रामपुर नगर के साथ शाहबाद, पटवाई, टांडा और मिलक समेत विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है, जिससे लोग परेशान हैं। बंदरों के झुंड सार्वजनिक स्थानों और आबादी वाले क्षेत्रों में घूमते रहते हैं। मुख्य मार्गों पर भी झुंड घूमते हैं।

ऐसे में लोगों को अपने घरों और परिसरों में भी सतर्क रहना पड़ता है। नालापार के महेश, पक्का बाग के बब्लू, ज्वाला नगर के संतोष इत्यादि लोगों की मांग है कि प्रशासन बंदरों को पकडवाकर उन्हें समस्या से निजात दिलाए।

लंगूरों के चित्रों से बंदरों को भगाने की कोशिश

बंदरों से परेशान लोग अब अपने स्तर से ही उन्हें दूर रखने के तरीके अपना रहे हैं। कुछ स्थानों पर सरकारी और गैर सरकारी भवनों की दीवारों पर लंगूरों के बड़े-बड़े चित्र चस्पा किए जा रहे हैं।

इसके पीछे लोगों की मंशा बंदरों को डराकर भवनों और परिसरों से दूर रखना है। लोगों को उम्मीद है कि लंगूरों के चित्र देखकर बंदर वहां अधिक देर तक नहीं ठहरेंगे। हालांकि, यह उपाय कितना कारगर साबित होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।

यह भी पढ़ें- रामपुर में अखिलेश की एंट्री महज इत्तेफाक नहीं! 2027 चुनाव से पहले सपा के लिए क्यों जरूरी हुए आजम खान?