रामपुर में कुदरत का कहर: कोसी नदी के तेज बहाव में बहे 11 बेजुबान, पशुपालकों के आंसुओं में बदला रोजी-रोटी का सहारा
पटवाई के दलपुरा गांव में भारी बारिश के कारण कोसी नदी के तेज बहाव में 11 पशुओं के बह जाने ...और पढ़ें

मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी
संवाद सूत्र, पटवाई (रामपुर)। प्रकृति की मार और तेज बारिश ने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है। पटवाई थाना क्षेत्र के दलपुरा बिसरा गांव से एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सोमवार सुबह पानी के तेज बहाव में बहकर 11 बेजुबान पशुओं की मौत हो गई।
इस घटना ने उन गरीब परिवारों से उनकी रोजी-रोटी का इकलौता सहारा छीन लिया है, जिनके लिए पशुपालन ही जीवनयापन का मुख्य आधार था। दलपुरा बिसरा गांव के रहने वाले कई पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर पटवाई के भैया नगला गांव की तरफ निकले थे।
भैया नगला के कोसी पुल के नीचे पानी का बहाव बहुत अधिक था। जब जानवर वहां से गुजर रहे थे, तो अचानक वे इस तेज बहाव की चपेट में आ गए।
पानी के सैलाब को देखकर पशुपालकों ने चीख-पुकार मचाई और अपनी जान की परवाह किए बिना मवेशियों को बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन पानी का बहाव इतना विकराल था कि वे चाहकर भी बेजुबानों की जान नहीं बचा सके।
एक साथ 11 पशुओं की मौत से इन पीड़ित परिवारों को लाखों रुपये की भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में रोना-पीटू मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रशासन से मदद की गुहार
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से उचित और त्वरित मुआवजे की मांग की है।
राहत की बात यह है कि सूचना मिलते ही तहसीलदार और नायब तहसीलदार दलपुरा बिसरा गांव पहुंच गए हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति का जायजा लेकर मामले की जांच की जा रही है, जिससे उम्मीद बंधती है कि इन आहत परिवारों को जल्द ही शासन स्तर से उचित राहत मिल सकेगी।
भैया नगला में पशुपालकों के कुछ मवेशियों के तेज बहाव पानी में डूब जाने से मृत होने की सूचना मिली है, मौके पर टीम को भेजा गया है, तहसीलदार भी वहां मौजूद हैं। कितने जानवर पानी डूबने से मृत हुए हैं इसकी काउंटिंग कराई जा रही है। प्रशासन पशुपालकों के लिए हर संभव मदद पहुंचाने को प्रतिबद्ध है।
रत्निका श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी सदर
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