जौहर विश्वविद्यालय में ईडी की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल बढ़ा, अधिवक्ता के विरोध पर हुई तैनाती
ईडी की कार्रवाई के दौरान जौहर विश्वविद्यालय में आजम खान के समर्थक अधिवक्ता के विरोध के बाद पुलिस बल बढ़ाया ...और पढ़ें

विश्वविद्यालय के गेट पर छात्र-छात्राओं का ब्योरा लेने पर हुई थी नोकझोंक। जागरण
HighLights
ईडी कार्रवाई के दौरान जौहर विश्वविद्यालय में पुलिस बल बढ़ा।
आजम समर्थक अधिवक्ता ने छात्रों के विवरण दर्ज करने का विरोध किया।
जेल में बंद अब्दुल्ला आजम के फेसबुक से पोस्ट पर सवाल।
जागरण संवाददाता, रामपुर। ईडी की कार्रवाई के दौरान यह आशंका जताई गई थी कि छात्र-छात्राओं की आड़ में आज़म के समर्थक विश्व विद्यालय में प्रवेश कर कार्रवाई में विघ्न डाल सकते हैं। इसको लेकर ईडी पूरी तरह चाक-चौबंद थी। कार्रवाई शुरू करते ही सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दे दिए गए थे कि विश्वविद्यालय के अंदर सिर्फ छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिया जाए।
गेट पर ही उनके मोबाइल नंबर व नाम-पता दर्ज किए जाएं। आजम समर्थक अधिवक्ता की जब इसको लेकर ईडी से नोकझोंक हुई तो मौके पर बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देर रात तक पुलिसकर्मी मुख्य द्वार पर डटे रहे।
जौहर विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से पूर्व ईडी के साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने छात्र-छात्राओं के नाम और मोबाइल नम्बर दर्ज करने शुरू कर दिए। इसकी जानकारी मिलने पर आज़म खान के करीबी व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता सतनाम सिंह मट्टू मौके पर पहुंच गए। उन्होंने छात्र-छात्राओं के मोबाइल का ब्योरा लिए जाने की कार्रवाई को अवैध बताते हुए इसका विरोध किया।
इस पर ईडी के अधिकारियों ने उन्हें इसे कार्रवाई का हिस्सा बताते हुए दखल देने से रोक दिया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हो गए। इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को मिली तो उन्होंने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर तैनाती कर दी।
उधर, ईडी ने ब्योरा लेने के बाद ही छात्र-छात्राओं को विश्व विद्यालय में प्रवेश करने दिया। कार्रवाई के दौरान उधर से गुजरने वाले लोग भी विश्वविद्यालय के बाहर पुलस और मीडियाकर्मियों की भीड़ देखकर ठिठकते रहे। देर रात तक जहां ईडी की कार्रवाई जारी रही वहीं पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर डटे रहे।
अब्दुल्ला जेल में, उनके फेसबुक अकाउंट से की गई पोस्ट
आजम खान के साथ दो पैन कार्ड बनवाने के प्रकरण में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी जेल में हैं। ईडी की कार्रवाई के बाद अब्दुल्ला आजम के फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट की गई, इसमें विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों का फोटो लगाकर लिखा गया- ये फोर्स पाकिस्तान या चाइना बार्डर पर नहीं बल्कि रामपुर में ज्ञान के मंदिर जौहर विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर तैनात है।
यह भी पढ़ें- अब्दुल्ला आजम खान पर मतदान रोकने और मारपीट का आरोप, गवाह से जिरह जारी
ये किसी आतंकवादी की तलाश में नहीं बल्कि शिक्षा के केंद्र को बर्बाद करने, देश की युवा पीढ़ी को अनपढ़ और अशिक्षित रखने की, युवाओं को स्कूल कालेज यूनिवर्सिटी आकर कलम थामने से रोकने की साजिश है। जनता को मूल मुद्दे से भटकाना मात्र है।
अब्दुल्ला की इस पोस्ट पर लोगों के तरह-तरह के कमेंट होते रहे। लोगों ने यह भी सवाल उठाए कि जब अब्दुल्ला जेल में हैं तो क्या वह अंदर ही मोबाइल चला रहे हैं या जेल के बाहर कोई उनके नाम पर पोस्ट कर रहा है।
