अब्दुल्ला आजम खान पर मतदान रोकने और मारपीट का आरोप, गवाह से जिरह जारी
सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ मारपीट और मतदान से रोकने के मामले में सुनवाई जारी है, ...और पढ़ें

बाएं से सपा नेता आजम खान के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला। जागरण
HighLights
अब्दुल्ला आजम खां पर मतदान रोकने, मारपीट का आरोप।
2022 विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा है यह मामला।
एमपी-एमएलए कोर्ट में गवाह की जिरह चल रही।
जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खान के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला के खिलाफ मारपीट और मतदान से रोकने के मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। इसमें मुकदमा वादी की गवाही चल रही है। गवाह से एक आरोपित के अधिवक्ता ने जिरह की। अब गुरुवार को अब्दुल्ला के अधिवक्ता गवाह से जिरह करेंगे। यह मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का है। पांच दिसंबर 2022 को शहर विधानसभा सीट पर उप चुनाव के लिए मतदान हुआ था।
मतदान के दो दिन बाद रजा डिग्री कालेज के पास रहने वाले नदीम खां ने गंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें कहा था कि वह मतदान के दिन शाम चार से पांच बजे के बीच वोट डालने गए थे। आरोप है कि वहां अब्दुल्ला अन्य सपाइयों व मीडिया कर्मियों के साथ बार-बार रजा डिग्री कालेज पर बने मतदान केंद्र के अंदर जाकर फर्जी वोट डलवा रहे थे। पुलिस द्वारा रोकने पर अब्दुल्ला के साथ चल रहे मीडिया कर्मियों ने पुलिस को धमकाया, जबकि इन मीडिया कर्मियों के पास प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं थी।
जब वह वोट डालने जा रहे थे तो अब्दुल्ला के साथ चल रहे पत्रकारों ने उन्हें रोककर मतदाता पर्ची और पहचान पत्र दिखाने को कहा। मैंने उन्हें दिखाने से मना कर दिया। इस पर उन्होंने मुझे मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया। वापस आने पर जान से मारने की धमकी दी। वह मतदान केंद्र के बाहर चौराहे पर आ गए। कुछ देर में अब्दुल्ला अपने समर्थकों व पत्रकारों को लेकर वहां दोबारा आ गए।
यहां फिर से गाली गलौज और एन्काउंटर कराने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में अब्दुल्ला समेत राजस्थान पत्रिका के पत्रकार विकास सिंह, अंकुर प्रताप सिंह आदि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मुकदमे की विवेचना पूरी कर सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
आजम खान के रामपुर पब्लिक स्कूल मान्यता में फर्जीवाड़े के मामले में सुनवाई टली
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के रामपुर पब्लिक स्कूल मान्यता में फर्जीवाड़े के मामले में बुधवार को गवाह के कोर्ट न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इसमें सुनवाई के लिए नौ सितंबर नियत हुई है। यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र में यतीमखाना बस्ती की जगह पर बने रामपुर पब्लिक स्कूल का है। इसे सपा सरकार में आजम खान ने बनवाया था।
छह साल पहले शहर कोतवाली में तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह राणा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें स्कूल को फर्जी दस्तावेजों से मान्यता दिलाने का आरोप लगाया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने सपा शासनकाल में 2016 में ही स्कूल की मान्यता दे दी थी। तब मान्यता की फाइल में अग्निशमन विभाग की एनओसी दूसरे स्कूल की लगाई गई।
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इस फर्जीवाड़े में बीएसए दफ्तर के बाबू तौफीक अहमद की संलिप्तता भी पाई गई थी। पुलिस ने जांच के बाद आजम खान, उनकी पत्नी और बाबू को आरोपित बनाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
