106 साल पुराना भाखड़ा पुल क्यों तोड़ा जा रहा? नया पुल बहने पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
बिलासपुर के 106 साल पुराने भाखड़ा पुल को ध्वस्त करने पर रोक लगाने की मांग उठी है। कांग्रेस कमेटी ने ...और पढ़ें

भाखड़ा बांध, रामपुर
HighLights
पुराने पुल का तकनीकी परीक्षण कराने का दिया सुझाव
जागरण संवाददाता, रामपुर। बिलासपुर की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले करीब 106 साल पुराने भाखड़ा पुल को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग उठी है। यह मांग कांग्रेस कमेटी के लोगों ने पूर्व विधायक संजय कपूर के नेतृत्व में जिलाधिकारी से भेंटकर उठाई है।
साथ ही इस दौरान सौंपे ज्ञापन में पुराने पुल को संरक्षित करने, उसकी तकनीकी जांच कराने और नए पुल के निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है।
पूर्व विधायक संजय कपूर ने कहा कि ऐतिहासिक भाखड़ा पुल बिलासपुर के गौरव और विरासत का प्रतीक है। इसे ध्वस्त करने से पहले विशेषज्ञों से इसकी स्थिति का आकलन कराना जरूरी है।
उनके मुताबिक, पुराने पुल के स्थान पर बनाए गए नए डैम के बाढ़ में क्षतिग्रस्त होकर बहने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पुराने पुल का विशेषज्ञों से संरचनात्मक परीक्षण कराया जाए। यदि यह छोटे वाहनों के आवागमन के लिए सुरक्षित पाया जाता है तो आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम के बाद इसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार किया जाए।
साथ ही पुरातत्व विभाग और विरासत संरक्षण विशेषज्ञों की मदद से पुल को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
ज्ञापन में उन्होंने सुझाव दिया कि नए पुल का निर्माण पुराने पुल को नुकसान पहुंचाए बिना उसके बराबर या किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर कराया जाए।
इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण कराकर उचित स्थान तय किया जाए और स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार उपयोग किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से जनहित, यातायात की जरूरतों और ऐतिहासिक विरासत के महत्व को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
उनका कहना है कि विकास के साथ विरासत को बचाना भी जरूरी है। नया पुल भी बने और ऐतिहासिक पुल भी सुरक्षित रहे, ताकि आने वाली पीढ़ियां बिलासपुर की इस धरोहर से परिचित रह सकें।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रामिल कुमार शर्मा उर्फ निक्कू पंडित, गुरबाज सिंह, कपिल चौधरी, रणजीत सिंह, अजीब सिंह, मोनीस अंसारी, जिवेन्द्र सिंह गंगवार और सहिर रजा खान मौजूद रहे।
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