नवरात्र के व्रत में कुट्टू के आटे का पराठा खाते ही मची अफरातफरी, एक ही परिवार के पांच सदस्य बीमार
रामपुर में नवरात्र के व्रत के दौरान कुट्टू के आटे के पराठे खाने से एक ही परिवार के पांच सदस्य बीमार पड़ गए।
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ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
कुट्टू के पराठे खाने से पांच सदस्य बीमार।
जिला अस्पताल में भर्ती, फिर निजी अस्पताल गए।
खाद्य विभाग ने आटे, तेल के नमूने भरे।
जागरण संवाददाता, रामपुर। नवरात्र के आखिरी व्रत में कुट्टू के आटे के पराठे खाने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हालत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल भर्ती कराया है।
अस्पताल में भर्ती लोगों ने यहां देखभाल न होने का आरोप लगाया और बिना उपचार कराए चले गए। इसके बाद निजी अस्पताल में इलाज कराया। वहीं दुकानों से कुट्टू आटा और सोयाबीन रिफाइंड आयल का नमूना भरा गया है।
भोट क्षेत्र के रमपुरा गांव निवासी महेश कुमार के परिवार में रविवार को ज्यादातर सदस्यों का व्रत था। रात में व्रत के लिए गांव के शंकर की दुकान से कुट्टू आटे के दो पैकेट मंगाकर पराठे बनाए गए, जिसे महेश, उनकी बड़ी बहू सुनीता, छोटी बहू आंचल, बेटी पायल और प्रीति ने खाया।
अस्पताल में भर्ती कराया गया
रात 12 बजे सभी की तबीयत बिगड़ गई। पहले स्वजन भोट में ही प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार सुबह सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। जिले में इससे पहले भी कुट्टू का आटा खाने से 25 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। तब नवरात्र का पहला व्रत था, जिस पर बीमार हुए लोगों ने कुट्टू की पकौड़ी, पूड़ी व पराठे बनाकर खाए थे।
बीमार हुए लोग अलग-अलग मुहल्ले और गांव के थे। इनमें 25 से अधिक लोग जिला अस्पताल पहुंचे थे, जिसमें 12 की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें भर्ती करना पड़ा था। तब खाद्य विभाग की टीम ने बाजार में खुला बिकने वाला पांच क्विंटल कुट्टू आटा नष्ट कराया था।
अब फिर कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुए लोगों की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी का उचित इलाज करने के निर्देश जिला अस्पताल के सीएमएस को दिए। साथ ही खाद्य विभाग की टीम को जांच के आदेश दिए।

सहायक आयुक्त खाद्य का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि टीम को गांव भेजा गया। परिवार से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने गांव के शंकर की दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा था, जबकि भूपराम की दुकान से सोयाबीन रिफाइंड आयल खरीदा था। दोनों का नमूना लिया है।
कुट्टू के आटे की जानकारी से पता चला कि दुकानदार ने इसे मिस्टन गंज की किसी दुकान से आठ अक्टूबर को खरीदकर लाया था। उस पर कोई ब्रांड नहीं था। उसे कुट्टू दाना पिसवाकर पन्नी में पैक करके बेचा गया था। उस दुकान से कुट्टू का आटा पहले ही नष्ट कराया जा चुका है।
हालांकि गांव के अन्य घरों में भी जानकारी की, लेकिन उस आटे के खाने से कोई अन्य बीमार नही हुआ है। फिलहाल नमूना भर लिया है। इसकी जांच कराएंगे। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। टीम द्वारा खुली खाद्य सामग्री न खरीदने के लिए दुकानों पर स्टीकर चस्पा किए जा रहे हैं ताकि दुकानदार और ग्राहक दोनों जागरूक हो सकें।
