रामपुर, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए बवाल की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। मुकदमे में कुछ निर्दोषों के नाम शामिल होने की शिकायत पर भी पुलिस जांच करेगी। जांच पड़ताल के बाद ही तय होगा कि नाम निकाला जाएगा या नहीं। 

उपद्रवियों ने किया था पथराव

21 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लोगों की भीड़ हाथीखाना चौराहे पर इक_ा हुई थी। यहां से भीड़ ईदगाह की ओर जा रही थी लेकिन, पुलिस ने भीड़ को वहीं रोक दिया। इस पर भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस से मारपीट की। भोट थाना प्रभारी की जीप और छह बाइक को आग लगा दी थी। पुलिस पर सुतली बम, पेट्रोल बम आदि भी फेंके गए। इस दौरान गोली चलने से भीड़ में शामिल मुहल्ला तालाब मुल्ला एरम निवासी फैज खां की मौत हो गई थी। पुलिस ने शहर कोतवाली में दो और गंज कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज किया था। इन मुकदमों में पुलिस ने 141 लोगों को नामजद किया था, जबकि हजारों लोग अज्ञात थे। पुलिस इनमें 28 लोगों को जेल भी भेज चुकी है। इस दौरान उमला समेत शहर के कई लोगों ने जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत की। मुकदमे में कुछ निर्दोष लोगों के नाम शामिल होने की बात कही। उनके नाम निकाले जाने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। यदि कोई निर्दोष जेल गया है तो उसे रिहा कराया जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। 

अभी नहीं मिला है कोई आदेश 

गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर ङ्क्षसह और शहर कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि अभी ऐसा कोई आवेदन या अधिकारियों का आदेश नहीं मिला है। यदि आवेदन मिलता है तो पहले उसकी जांच पड़ताल की जाएगी। जिस व्यक्ति को निर्दोष बताया जा रहा है, वह उपद्रवियों में शामिल था या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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