मुस्लेमीन, रामपुर: कोरोना वायरस के चलते देश में लॉक डाउन हो गया है। जिले में भी लोग घरों में कैद हो गए हैं। प्रतिष्ठान बंद हैं। फैक्ट्रियों पर भी ताले लटके हैं। ऐसे में बिजली की खपत कम हो गई है। इसके चलते लोगों को भरपूर बिजली मिल रही है, लेकिन बिजली विभाग की आमदनी कम हो गई है। वसूली का आंकड़ा कम हो गया है।

लॉकडाउन के चलते बाजारों में सन्नाटा छाया है। दुकानें और आफिस बंद हैं। फैक्ट्रियों में भी ताले पड़ गए हैं। रामपुर में लकड़ी का भी बड़ा कारोबार है। गणपति प्लाईवुड फैक्ट्री में कई सौ मजदूर काम करते हैं। बड़ी-बड़ी मशीनें लगी हैं, लेकिन अब सब बंद हैं। आरामशीनें और प्लाईवुड मशीनें भी नहीं चल पा रही हैं। कुल मिलाकर इंडस्ट्रियल और कामर्शियल बिजली कनेक्शनों की सप्लाई थम सी गई है। इससे बिजली विभाग के सामने राजस्व की समस्या भी खड़ी हो गई है, दरअसल इन कनेक्शनों के जरिये विभाग को हर माह मोटी रकम मिलती है। लाकडाउन के चलते सरकार ने कनेक्शन काटने पर भी रोक लगा दी है। ऐसे हालात में वसूली करना भी मुश्किल काम हो गया है। थम गई कामर्शियल सप्लाई

विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग बताते हैं कि रामपुर जिले में साढ़े तीन लाख बिजली कनेक्शन हैं। इनमें 80 हजार शहरी क्षेत्र में और 2.70 लाख ग्रामीण क्षेत्र में हैं। जिले में 12 हजार कामर्शियल कनेक्शन हैं। जिले में तीन सौ लाख यूनिट बिजली की खपत है और हर माह 30 करोड़ के बिल बनते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते इंडस्ट्रियल और कामर्शियल क्षेत्र में बिजली की खपत नहीं रही है। इनसे करीब 13 करोड़ रुपये की आमदनी हर माह होती है।

Posted By: Jagran

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