जागरण संवाददाता, रामपुर : शिकार की तलाश में जंगल से भटक कर आबादी में घुस आए तेंदुए की दहशत लोगों में बरकरार है। एक सप्ताह में अभी तक दो बार तेंदुआ राज्यमंत्री बलदेव औलख के आवास के आसपास घूमते देखा गया। इस दौरान तेंदुए ने भले ही किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया, लेकिन दो आवारा कुत्तों को अपना शिकार बना चुका है। माना जा रहा है कि आवारा कुत्ते आसान शिकार होने के चलते वह बार-बार आबादी में आ रहा है। लोगों में इस बात को लेकर भी डर है कि यदि तेंदुआ जल्द नहीं पकड़ा गया तो वह इंसान को भी अपना शिकार बना सकता है। तेंदुआ पहली बार 16 सितंबर की रात को गोवन कालोनी में देखा गया था। इसके बाद दूसरी बार 20 सितंबर की रात को सीमेंट फैक्ट्री कालोनी में देखा गया था। इसके बाद वन विभाग ने इसे पकड़ने को राज्यमंत्री के आवास के पास पिजरा भी लगा दिया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका है। इससे लोग दहशत में हैं। अभी तक तेंदुए ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया है। इसका शिकार फिलहाल आवारा कुत्ते बन रहे हैं। लोगों की मानें तो पहले कालोनी में कई आवारा कुत्ते घूमते थे, जो अब कम हो गए हैं। गोवन कालोनी निवासी रिषी भाटिया और चुन्ना ने बताया कि पहले दिन तेंदुए को एक आवारा कुत्ते को मुंह में दबाकर जाते देखा गया था।

उधर, वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए पिजरा भी लगाया गया। ड्रोन कैमरे से भी तेंदुए की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला। गुरुवार को भी प्रभारीय वन अधिकारी राजीव कुमार ने टीम के साथ क्षेत्र में कांबिग की। उन्होंने बताया कि दो दिन से तेंदुआ क्षेत्र में नहीं दिखा है। हमने क्षेत्र के लोगों से भी बात की। किसी ने उसे नहीं देखा। इससे लगता है कि वह यहां से निकल गया है। हालांकि सतर्कता बरती जा रही है। उप प्रभागीय वन अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में एक टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है।

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