जागरण संवाददाता, रामपुर : मिट्टी कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब इस कला से जुड़े लोग प्रशासन से अनुमति लेकर किसी भी सरकारी भूमि का उपयोग मिट्टी लेने के लिए कर सकते हैं।

इसको लेकर माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संग अन्य अधिकारियों एवं इस कला से जुड़े उद्यमियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने इस कला को बढ़ावा देने के लिए की गई कार्यवाहियों की व्यापक समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मिट्टी के बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए जरूरी है कि इस कला से जुड़े लोगों को सशक्त बनाकर उनके द्वारा बनाए गए घरेलू व आकर्षक उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए। ऐसा होने पर ही इस कला से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से मजबूती मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इसके लिए अत्याधुनिक यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका लाभ प्राप्त करने के लिए इस कला के उद्यमियों को आगे आते हुए इस कला को बढ़ावा देना होगा।

उन्होंने बताया कि मिट्टी के कामगारों को प्रत्येक तहसील दिवस में निश्शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा। जहां वे अपने बर्तन बेंच सकते हैं। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने इसके लिए प्रशासनिक स्तर से लिए गए निर्णय एवं प्रयासों के बारे में अध्यक्ष को अवगत कराया। कहा कि प्रशासन द्वारा कार्यालयों में कुल्हड़ों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न माध्यमों से इस कला से जुड़े लोगों को भी सूचित किया गया है। उन्हें बताया गया है कि वे प्रशासन की अनुमति के उपरांत किसी भी सरकारी भूमि की मिट्टी का उपयोग बर्तन बनाने के लिए कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पॉलिथिन एवं डिस्पोजल के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इस कला से जुड़े परिवारों की आजीविका के बेहतर संचालन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार गुप्ता व उपजिलाधिकारी सदर पीपी तिवारी आदि रहे।

Posted By: Jagran

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