धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले सावधान! आभूषणों पर जरूर देखें ये निशान, BIS ऐप से ऐसे करें जांच
धनतेरस और दीपावली पर सोना खरीदने से पहले हॉलमार्क निशान देखना अनिवार्य है, क्योंकि अब बिना हॉलमार्क के जेवर बेचना ...और पढ़ें

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HighLights
बिना हालमार्क आभूषण बेचने पर बीएसआइ ने लगा रखा है प्रतिबंध
पुराने गहने बेचने या बदलने से पहले भी हालमार्क कराना जरूरी
जागरण संवाददाता, रामपुर। धनतेरस और दीपावली पर सोना-चांदी की बिक्री बढ़ जाती है। दोनों ही पर्व नजदीक हैं। साथ ही शादियों का भी सीजन है। यानी, आने वाले समय में गहनों की खरीदारी का समय है। सराफा बाजार भी इसे लेकर तैयार है। नए-नए डिजाइन के आभूषण बाजार में आ गए हैं। आप भी आभूषण खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सतर्क व जागरूक रहें।
केंद्र सरकार ने सोने की बिक्री को लेकर नए मानक तय किए हैं। इसके अंतर्गत बिना हालमार्क के अब कोई भी सराफा व्यापारी जेवर नहीं बेच सकेगा। यदि आपको दुकानदार बिना हालमार्क जेवर बेच रहा है तो न खरीदें।
सोने की शुद्धता के लिए भारत सरकार ने जेवरों पर हालमार्क के निशान को अनिवार्य किया है। इसके अंतर्गत सोने के आभूषणों पर एचयूआइडी (हालमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर अंकित किया जाता है।
यह नंबर छह डिजिट का होता है। इस नंबर में आभूषण की पूरी कुंडली छुपी होती है। वह गहना हार है या कंगन या अंगूठी। उसका वजन कितना है, वह कितने कैरेट सोने का बना है, उसे कब बनाया गया और किसने बनाया है, यह सभी जानकारी हालमार्क में छिपी होती है।
पुराने गहने बदलने के लिए भी हालमार्क जरूरी
रामपुर सराफा कमेटी के अध्यक्ष संजय पाठक ने बताया कि भारत सरकार की एजेंसी बीआइएस (भारतीय मानक ब्यूरो) ने सभी आभूषणों पर हालमार्क जरूरी कर दिया है। हालमार्क के लिए पहले गाजियाबाद जाना पड़ता था, लेकिन अब अपने शहर में यह सुविधा उपलब्ध है। अगर आपके पास बिना हालमार्क वाले पुराने गहने हैं तो उन्हें बेचने या बदलने से पहले हालमार्क कराना अनिवार्य होगा।
बीएसआइ एप से मिलेगी आभूषण की जानकारी
रामपुर सराफा कमेटी के महामंत्री विनोद कुमार अग्रवाल उर्फ गप्पल ने बताया कि जेवर खरीदते समय अपने हालमार्क से आप उसकी जानकारी खुद भी कर सकते हैं। इसके लिए बीआइएस के एप या वेबसाइट को मोबाइल में डाउनलोड करें और यहां जाकर एचयूआइडी नंबर डालें। इसके बाद उस गहने के बारे में पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। आपका सोना कितना खरा है, खुद देख पाएंगे।
शहर में खुले हालमार्क के दो सेंटर
सराफा व्यापारी परितोष चांदीवाला ने बताया कि शहर के सराफा कारोबारियों को हालमार्क के लिए अब बाहर जाने की जरूरत नहीं है। शहर में सराफा बाजार लंगर खाने वाली गली में हालमार्क के दो सेंटर खुले है, जिसे बीआइएस गाजियाबाद यूनिट से मान्यता मिली है। इसके अलावा कुछ कारोबारियों ने अपने यहां हालमार्क की जांच के लिए मशीन भी रखी है।
