मुस्लेमीन, रामपुर: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीनें कब्जाने के मुकदमों की जांच कर रही एसआइटी के शिकंजे में अब अधिकारी और कर्मचारी भी फंसने लगे हैं। एसआइटी अब इन्हे भी नोटिस जारी कर तलब कर रही है। पूछताछ भी की जा रही है। इससे सपा शासनकाल में रामपुर में तैनात रहे अफसरों में हड़कंप मचा है। अब वे अपने को बचाने की जुगत में लगे हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीने कब्जाने के आरोप में सांसद आजम खां के खिलाफ 30 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। यूनिवर्सिटी के पड़ोसी गांव आलियागंज के 26 किसानों ने भी मुकदमे कराए हैं। एसपी डा. अजयपाल शर्मा ने इन मुकदमों की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम को सौंपी है। एसआइटी के समक्ष सांसद आजम खां पांच बार पेश हो चुके हैं । इनके अलावा आजम खां की पत्नी राज्यसभा सदस्य डा. तजीन फात्मा, बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम, अदीब आजम और बहन निकहत अफलाक से भी एसआइटी पूछताछ कर चुकी है। आजम खां के दोस्त विधायक नसीर खां से तो तीन बार पूछताछ हो चुकी है। अब लेखपालों व अफसरों से भी पूछताछ की जा रही है।

दो अफसरों पर मुकदमे

सपा शासनकाल में जब यूनिवर्सिटी के लिए जमीने ली गईं थीं, उस दौरान यहां जो अफसर तैनात थे, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। उस समय अजीम नगर के थानाध्यक्ष रहे कुशलवीर सिंह और पूर्व सीओ सिटी आलेहसन खां के खिलाफ तो थाने में मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं। आलेहसन खां फरार चल हैं। उन्हे एसआइटी नोटिस भी जारी कर चुकी है लेकिन, वह बयान दर्ज कराने नहीं आए। यूनिवर्सिटी की जमीनों के चक्कर में दो लेखपाल आनंदवीर और महीपाल सिंह निलंबित भी हो चुके हैं। इनसे एसआटी पूछताछ भी कर रही है। सपा शासनकाल में यहां तहसीलदार रहे शमशाद हुसैने से भी सोमवार को एसआइटी ने पूछताछ की। इस समय वह सुल्तानपुर में मुख्य राजस्व अधिकारी हैं। एसआइटी प्रभारी दिनेश गौड़ का कहना है कि जांच पड़ताल चल रही है, जो अधिकारी व कर्मचारी जांच के दायरे में आ रहे हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है।

Posted By: Jagran

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