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ED Action on Azam Khan: ₹416 करोड़ का हिसाब न दे पाने पर ED ने कब्जे में लिया आजम खान का जौहर विश्वविद्यालय

Published: Wed, 28 Oct 2026 07:03 PM (IST)

सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में ईडी ने आजम खां के जौहर विश्वविद्यालय को अपने कब्जे में ले लिया ...और पढ़ें

आजम खान और जौहर विश्वविद्यालय

आजम खान और जौहर विश्वविद्यालय

जागरण संवाददाता, रामपुर। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में जांच कर रही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय को अपने कब्जे में ले लिया है।

आरोप है कि विश्वविद्यालय निर्माण पर खर्च हुए कुल बजट 494.46 करोड़ में 416.14 करोड़ रुपये का जौहर ट्रस्ट हिसाब नहीं दे पाया। इसे ब्लैक मनी माना जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्य पर आजम खान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर 85.81 करोड़ रुपये खर्च कर दिए।

इस कार्रवाई से पूर्व दस अक्टूबर को ईडी लखनऊ के उप निदेशक पीयूष एस थार्स्ट ने 10 अक्टूबर को पुलिस महानिदेशक को ई-मेल पर शिकायत भेजकर अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

इसमें आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में 85.81 करोड़ रुपये के कार्य सरकारी धन से कराए गए हैं। ईडी ने जिला मूल्यांकन अधिकारी की रिपोर्ट के हवाले से विश्वविद्यालय के निर्माण की लागत 494.46 करोड़ रुपये बताई थी।

जबकि ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय दर्शाए जाने का उल्लेख किया गया। ईडी ने करीब 416.14 करोड़ रुपये के अंतर का स्पष्टीकरण नहीं मिलने का दावा किया।

ईडी ने सरकारी धन से विश्वविद्यालय परिसर में काम कराए जाने के आरोपों के तहत तीन मदों का उल्लेख किया है। एक ठेकेदार के बयान में सरकारी ठेकों से जुड़े 55.8 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री विश्वविद्यालय के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई।

इसके अलावा, भव्य पंडाल, छात्रावास और अस्पताल के लिए 23.41 करोड़ रुपये की सरकारी मंजूरी का जिक्र है। यह भी कहा गया है कि विधायक/एमएलसी क्षेत्र विकास निधि से विश्वविद्यालय परिसर में 6.60 करोड़ रुपये के काम कराए गए।

इन तीनों मदों को मिलाकर राशि 85.81 करोड़ रुपये बताई गई है। ईडी ने अपनी जांच में ट्रस्ट को मिले कुछ दान की प्रकृति पर भी सवाल उठाए थे।

इसमें एक कंपनी की ओर से 40 लाख रुपये दान दिए जाने और दो संस्थाओं से 6.235 करोड़ रुपये मिलने का उल्लेख है। ईडी का आरोप है कि ठेकों से लाभ पाने वालों के धन का हिस्सा ट्रस्ट को दान के रूप में दिया गया।

ईडी की शिकायत पर पूर्व मंत्री आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एस एंड ए इंटरप्राइजेज, सीके एसोसिएट और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद इसकी विवेचना क्षेत्राधिकारी टांडा पंकज पंत को सौंपी गई, जिसकी जांच चल रही है।

इसी क्रम में ईडी ने अगली कार्रवाई करते हुए बुधवार को विश्वविद्यालय को प्रवर्तन निदेशालय से संबद्ध कर लिया है। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि ईडी की कार्रवाई के संबंध में अभी पुलिस को किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

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