आजम खान के करीबियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में ED, मनी लॉन्ड्रिंग केस में हो सकती है पूछताछ
जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी की छापेमारी से आजम खान के करीबियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्होंने ट्रस्ट में करोड़ों रुपये दान किए थे।

आजम खान के करीबियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में ED।

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जागरण संवाददाता, रामपुर। जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी की छापेमारी आजम खानन के करीबियों को भी मुश्किल में डाल सकती हैं। दान के नाम पर जिन लोगों ने जौहर ट्रस्ट में लाखों से करोड़ों रुपये जमा कराए हैं, वह सभी ईडी के निशाने पर हैं।
जौहर ट्रस्ट से ईडी ने सभी का ब्योरा एकत्र कर लिया है। जल्द ही उनसे भी पूछताछ शुरू हो सकती है। जिसको लेकर आजम खानन के करीबियों की भी धड़कनें तेज हैं।
आजम खानन के जौहर ट्रस्ट और उसके द्वारा जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण पर करोड़ों के कालेधन को खपाने की शिकायत वर्ष 2019 में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने की थी। जौहर विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों और कथित अनियमितताओं से संबंधित जानकारी भी जांच एजेंसियों तक पहुंचाई थी।
तब जांच एजेंसियों ने आकाश सक्सेना का नाम आजम खानन, डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम से जुड़े मामले में प्रथम शिकायतकर्ता के रूप में दर्ज किया था। वर्ष 2022 में ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय में छानबीन भी की थी। मगर इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
पिछले दिनों शहर विधायक आकाश सक्सेना ने ईडी से शिकायत करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में सपा नेता आजम खानन के खिलाफ कालेधन को लेकर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। जिसमें आयकर विभाग ने आजम खानन के खिलाफ 700 से 800 करोड़ की देनदारी निर्धारित की थी।
इसके बावजूद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके अतिरिक्त जौहर विश्वविद्यालय में स्थित 65.005 हेक्टेयर जमीन भी राज्य सरकार में निहित कर दी गई है, लेकिन यह मामला भी अब तक विचाराधीन है। जल निगम भर्ती घोटाले और जौहर विश्वविद्यालय में नियम विरूद्ध सीवरेज सिस्टम बनाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी अभी लंबित है।
उन्होंने सभी मामलों में ठोस एवं सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उधर, आयकर विभाग ने भी जौहर ट्रस्ट की ओर से आय और व्यय का हिसाब न दे पाने के आधार पर जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण पर काला धन का उपयोग किए जाने का इंपुट ईडी को मुहैया कराया था।
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इसके बाद ईडी ने स्थानीय पुलिस से मोहम्मद आजम खानन के खिलाफ दर्ज सभी अपराधिक मुकदमों का ब्योरा मांग लिया था। तभी से ईडी द्वारा जल्द कोई बड़ी कार्रवाई करने के कयास लगाए जा रहे थे।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद आजम खानन के खिलाफ अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र, दो पैनकार्ड, दो पासपोर्ट बनवाने सहित दलितों की जमीनों पर कब्जा करने, जलनिगम भर्ती घोटाले समेत सौ से अधिक मुकदमें दर्ज हैं।
इन सभी मुकदमों में शहर विधायक आकाश सक्सेना पैरवी कर रहे हैं। जिसमें से कई मामलों में आजम खानन, अब्दुल्ला आजम और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा को सजा हो चुकी है। डॉ. तजीन फात्मा फिलहाल बेल पर बाहर हैं।

हंगरी में निवेश का आरोप
सूत्रों के अनुसार ईडी को मिली शिकायत में यह भी आरोप है कि आजम खानन की कमाई का बड़ा हिस्सा विदेश में निवेश किया गया है। यह निवेश सहारनपुर के एमएलसी शाहनवाज के माध्यम से हंगरी में कराया गया है। सरफराज से आजम खान के करीबी रिश्ते रहे हैं।
आजम खानन ने ही शाहनवाज के पिता सरफराज को सपा सरकार में दर्जा मंत्री बनवाया था। इसके अलावा जौहर यूनिवर्सिटी में बने मेडिकल कालेज में जो उपकरण और मशीनें खरीदी गईं थीं, वह भी शाहनवाज की कंपनी की ही थीं।
बाद में जब जौहर विश्वविद्यालय में छापेमारी हुई, तो आजम खानन ने जांच एजेंसियों को बताया कि सभी उपकरण उन्हें दान में मिले थे, जो वापस कर दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक इसमें भी बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है, जो जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आजम खानन के करीबी आरके जैन व शाहीन का हो चुका है निधन
बुधवार को हुई छापेमारी के दौरान सपा नेता आजम खानन के करीबी ईडी के निशाने पर रहे। इनमें प्रमुख रूप से आरके जैन और शाहीन खानन शामिल हैं। हालांकि, दोनों ही लोगों की मौत हो चुकी है। आरके जैन आजम खान के इतने करीबी थे कि सपा सरकार में जितने भी निर्माण कार्य हुए, वह सभी उनकी देखरेख में हुए। आजम खान की बेनामी संपत्ति आरके जैन के पास भी हो सकती है।
मनी लॉन्ड्रिंग के तहत हो सकती है कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और कथित मनी लांड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच का हिस्सा है। कार्रवाई का एक प्रमुख केंद्र रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रहा है। ईडी की टीमें संबंधित दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकार्ड की पड़ताल कर रही हैं।
अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और संभावित आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बरामद दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद ईडी मनी लांड्रिंग के तहत आजम खानन व उनके करीबियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करा सकती है।
