जागरण संवाददाता, रामपुर : अपनी मांगों को लेकर विभिन्न कर्मचारी और किसान संगठनों की देश व्यापी हड़ताल का जिले के बाजारों में कोई असर नजर नहीं आया। बाजार रोजाना की तरह खुले। कोई भी संगठन विरोध में सड़कों पर नहीं उतरा। हालांकि बैंकों समेत कुछ सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों पर इकट्ठा होकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। हड़ताल में भारतीय जीवन बीमा निगम, लोक निर्माण विभाग और आयकर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ने भी बंद का समर्थन किया। हड़ताली कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग की तो बैंक कर्मचारियों ने निजीकरण व विलयीकरण का विरोध जताया। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले हड़ताली बैंक कर्मचारी बुधवार सुबह 10 बजे ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की सिविल लाइंस शाखा के सामने इकट्ठा हुए। यहां केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाए। उनके हाथों में भी नारे लिखी तख्तियां थीं। बैंक कर्मचारियों का कहना था कि बैंकों का विलय एक धोखा है। इसके जरिए बैंकों के निजीकरण की कोशिश की जा रही है। यह सब कारपोरेट घराने को फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा है। पिछले दिनों में 3400 से अधिक बैंक शाखाएं बंद हो चुकी हैं। इसके इतर बैंक कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान नहीं है। बैंक कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण पिछले दो साल से लंबित है। नई भर्तियां नहीं की जा रही और आउट सोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में यूनियन के जिला मंत्री जगमोहन अग्रवाल, जिला मंत्री अशोक अग्रवाल, आशुतोष गुप्ता, राजेश मलिक, प्रमोद कुमार, राहुल अग्रवाल, सुंदर लाल, संजय वर्मा, नन्हे, राजीव श्रीवास्तव, विजय आनंद आदि शामिल रहे। हड़ताल में निजी बैंकों के अलावा स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ यूनियन और सहकारी बैंक शामिल नहीं हुए। हड़ताल में शामिल न होने वाली यूनियन नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लाइज के सदस्यों ने भी बैठक कर बाहर से समर्थन दिए जाने की बात कही। संगठन के अध्यक्ष विमल कपूर और जिला मंत्री मंजूर हुसैन ने बताया कि एसबीआइ, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, आइसीआइसीआइ, आइडीबीआइ, जिला सहकारी बैंक आदि शाखाएं रोजाना की तरह खुलीं। हालांकि स्टेट बैंक में क्लीयरिग हाउस नहीं लगा। बैठक में अरविद अग्रवाल, धनराज, सरजू कुमार आदि मौजूद रहे। पूंजीपतियों के लिए काम कर रही सरकार

रामपुर : केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर बुधवार को भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। बीमा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने सुबह आवास विकास स्थित कार्यालय गेट पर प्रदर्शन किया। बाद में दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। संघ के शाखा सचिव श्रीकांत झा ने कहा कि सरकार कुछ मुठ्ठी भर पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। देश की बेशकीमती अमानत सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को औने-पौने दामों पर बेचने को तत्पर है। सरकार की नीतियां किसान, मजदूर और कर्मचारी विरोधी है। सरकार श्रम कानूनों को मिटाकर श्रम संहिताओं के रूप में हमारी गुलामी के नए दस्तावेज तैयार कर रही है। मंडल संयुक्त सचिव हरि सिंह सागर ने कहा कि सरकार बीमा क्षेत्र में एफडीआइ की सीमा बढ़ाने और एलआइसी कंपनियों का विनिवेश कर देने को आतुर है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में भगवान दास, विजय श्रीवास्तव, देवेंद्र शर्मा, राजीव कुमार, इशरत अली, राकेश यादव, महेंद्र सिंह, प्रियदर्शी बौद्ध आदि शामिल रहे। आयकर कार्यालय में भी हड़ताल के चलते नहीं हुआ काम

रामपुर : ज्वाइंट कौंसिल ऑफ एक्शन के आह्वान पर बुधवार को आयकर कार्यायल में भी अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कार्यालय में प्रदर्शन भी किया। आयकर अधिकारी द्वितीय विजय कुमार ने 10 सूत्री मांगों के बारे में जानकारी दी। कहा कि नई अंशदायी पेंशन योजना का विरोध है। हमारी मांग है कि पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। अंतिम वेतन का 50 फीसद न्यूनतम पेंशन के रूप में प्रदान किया जाए। रेलवे, रक्षा और डाक विभागों में निजीकरण की प्रथा समाप्त की जाए। केंद्रीय विभागों में रिक्त पड़े छह लाख पदों पर भर्ती की जाए। प्रदर्शन करने वालों में आयकर निरीक्षक अनूप सेठ, नितिन भटनागर, वरिष्ठ कर सहायक राहुल सिंह, मनेंद्र भारती, विवेक सक्सेना, रमेश, राजू, श्वेता वर्मा आदि शामिल रहे। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करे सरकार

रामपुर : अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ एवं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्ववान पर बुधवार को लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया। लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल पर रहे, जबकि नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ और चतुर्थ श्रेणी एसोसिएशन ने दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल कर बंद का समर्थन किया। हड़ताली कर्मचारी डायमंड रोड स्थित निर्माण खंड कार्यालय के गेट पर इकट्ठा हुए। यहां सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करे। आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करे। विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। लंबे समय से आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को समायोजित किया जाए। कुछ देर प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम प्रशासन जगदम्बा प्रसाद गुप्ता को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में कर्मचारी महासंघ के संयोजक हरिओम, जतिन बब्बर, लववीर सिंह, नरेंद्र कुमार सक्सेना, सुनील कुमार पवार, प्रमोद शुक्ला, अंकुर, अंकित सक्सेना, धर्मेंद्र चौहान, जसविदर सिंह, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे। मेडिकल रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने भी किया बंद का समर्थन

रामपुर : ट्रेन यूनियन के आह्वान पर मेडिकल सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन किया। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और 12 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन बहाली, न्यूनतम मजदूरी लागू करने, आठ घंटे काम के तय करने, श्रम कानून में बदलाव, सरकारी अस्पतालों में काम का अधिकार, समान कार्य पर समान वेतन, रोजगार के अवसर, महंगाई पर रोक, सरकारी संस्थाओं के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष रिजवान खां, सचिव दीपक सक्सेना, एसएस ग्रीफिन, सुल्तान, संजीव, पीयूष आदि के हस्ताक्षर हैं।

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