जागरण संवाददाता, स्वार : सरकारी सिस्टम पर वन माफिया व खनन कारोबारी भारी पड़ रहे हैं। पीपली वन में कटान की सूचना पर पहुंचे डीएफओ ने प्रतिबंधित पेड़ों का कटान मिलने पर वन प्रभारी की फटकार लगाने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की है।

थाना मिलक खानम का पीपली वन हजारों हेक्टेयर में फैला है। शीशम, शागोन, खैर आदि प्रजातियों के बेशकीमती पेड़ लगे हैं।कटान के मामले में पीपली वन हमेशा सुर्खियों में रहा है, जिसके चलते पीपली वन में रात के अंधेरे में ही नहीं दिन में भी कटान होने के साथ ही कुल्हाडियों एवं आरों की आवाज गूंजती है। पीपली वन की सुरक्षा में लगे वनकर्मियों की कम तैनाती के चलते वन माफिया हावी हैं। पीपली वन की सुरक्षा रामभरोसे है। वन माफिया एवं खनन कारोबारी सरकारी सिस्टम पर हावी होते जा रहे हैं, जिस कारण धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगभग एक दर्जन वनकर्मी मेडिकल पर चले गए हैं।

गुरुवार को पीपली वन से पेड़ों के कटान की सूचना मिलने पर डीएफओ एके कश्यप मौके पर पहुंचे।

आधा दर्जन खैर के पेड़ों का कटान मिलने पर वन प्रभारी धर्मेंद्र कोयली की फटकार लगाई। विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसके चलते वनकर्मियों में हड़कंप मचा है। डीएफओ ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों की कटान की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंच जांच कर वनकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है।

Posted By: Jagran

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