जागरण संवाददाता, रामपुर : सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में घर में सो रहे पिता-पुत्रों पर बदमाशों के हमले में घायल पिता की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। अब इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले कातिलों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस को उम्मीद थी कि इलाज के बाद होश आने पर उनसे कातिलों के बारे में कोई अहम जानकारी मिलेगी, लेकिन पुलिस की यह उम्मीद भी उनकी मौत के साथ खत्म हो गई।

रजा टैक्सटाइल कालोनी ज्वालानगर निवासी 60 वर्षीय आनंद कुमार नंदा इलैक्ट्रेशियन थे। वह कालोनी में अपने मंदबुद्धि बेटे शुभम उर्फ नानू के साथ रहते थे। शुक्रवार रात में दोनों घर में सो रहे थे। किसी समय बदमाश दीवार कूदकर घर में घुस आए। बदमाशों ने दोनों पर जानलेवा हमला किया था। बदमाश दोनों को लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए थे। अगले दिन सुबह पड़ोसियों ने देखा तो शुभम की मौत हो चुकी थी और पिता की सांसें चल रही थीं। हत्या की जानकारी पर पुलिस आ गई थी। पुलिस ने पास में ही रहने वाले नंदा के भाई प्रेम तिवारी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। घायल नंदा को जिला अस्पताल भर्ती कराया था, जहां से परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए मुरादाबाद ले गए थे।

रविवार दोपहर करीब ढाई बजे उपचार के दौरान नंदा की भी मौत हो गई। परिजन उनका शव लेकर आ गए। जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।

पिता-पुत्र की मौत के बाद यह दोहरा हत्याकांड पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। दरअसल, पुलिस की पूछताछ में अभी तक हत्या की कोई वजह सामने नहीं आ सकी है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना था कि नंदा बेहद व्यवहार कुशल थे। हर किसी की मदद करने के लिए तैयार रहते थे। उनका कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस को आस थी कि इलाज के बाद नंदा को होश आएगा तो उनसे कातिलों के बारे में जानकारी मिलेगी। सिविल लाइंस कोतवाल राधेश्याम ने बताया कि पुलिस पूरी कोशिश कर रही है। कातिल जल्द पकड़े जाएंगे। 24 घंटे में जली पिता-पुत्र की चिताएं मृतक पिता-पुत्र के यहां एक मात्र रिश्तेदार प्रेम तिवारी बंद पड़ी रजा टैक्सटाइल की संपत्ति की देखभाल करते हैं। मृतक नंदा उनके भाई थे। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने उनके भाई और भतीजे की हत्या कर दी। शनिवार को भतीजे का अंतिम संस्कार किया था और रविवार को उपचार के दौरान भाई की भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव मिलने पर उनका भी अंतिम संस्कार कर दिया। यह उनके लिए बड़े दुख की घड़ी है। मृतक नंदा की पत्नी की वर्ष 2015 में कैंसर से मौत हो गई थी। अब परिवार में उनका एक बेटा है, जो हापुड़ में संविदा पर चालक है और डीएम की गाड़ी चलाता है।

Posted By: Jagran

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